Kumarpur Flyover Inauguration: आसनसोल के कुमरपुर रेलवे फ्लाइओवर ब्रिज के दोबारा उद्घाटन को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा के पूर्व सांसद और वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के विधायक व राज्य मंत्री बाबुल सुप्रीयो ने इस उद्घाटन पर सवाल खड़े करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह ब्रिज करीब डेढ़ साल पहले ही बनकर तैयार हो चुका था और जनता इसका लाभ भी उठा रही थी, ऐसे में चुनाव से ठीक पहले दोबारा उद्घाटन करना समझ से परे है।
कुमरपुर रेलवे फाटक पर फ्लाइओवर की पहल
बाबुल सुप्रीयो ने कहा कि जब वह आसनसोल से भाजपा सांसद थे, तब उन्होंने कुमरपुर रेलवे फाटक की समस्या को क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती मानते हुए फ्लाइओवर निर्माण की पहल की थी। उन्होंने बताया कि ब्रिज निर्माण के दौरान रेलवे फाटक के दोनों ओर मौजूद दुकानों को हटाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने दुकानदारों को समझा-बुझाकर हल किया।
Kumarpur Flyover Inauguration: पीडब्ल्यूडी सहयोग से कुमरपुर ब्रिज तैयार
उन्होंने कहा कि इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग और आसनसोल नगर निगम का सहयोग जरूरी था। उस समय राज्य सरकार के अधीन इन विभागों के बिना ब्रिज निर्माण संभव नहीं था। बाबुल सुप्रीयो के अनुसार, उन्होंने तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री अरूप विश्वास और नगर निगम के मेयर जितेंद्र तिवारी से मुलाकात कर सहयोग सुनिश्चित किया। इसके बाद सेल और रेलवे से अनुमति मिलने पर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हुआ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब डेढ़ साल पहले ही इसका उद्घाटन कर दिया गया था।
बाबुल सुप्रीयो ने सांसद पद से इस्तीफा दिया
बाबुल सुप्रीयो ने कहा कि उन्होंने आसनसोल की जनता के लिए क्या काम किया है, इसका प्रमाण देने के लिए उन्हें किसी पार्टी या नेता से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब किसी अच्छे काम का श्रेय नहीं दिया जाता, तो उसके खिलाफ खड़े होने की हिम्मत होनी चाहिए। इसी सोच के चलते उन्होंने सांसद रहते हुए भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
Kumarpur Flyover Inauguration: फ्लाइओवर उद्घाटन पर खुशी, शिलापट्ट पर राजनीति भी गरम
हालांकि, उन्होंने कुमरपुर फ्लाइओवर के दोबारा उद्घाटन पर खुशी भी जताई और आसनसोलवासियों को शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि इस फ्लाइओवर का वर्चुअल उद्घाटन रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा किया गया। उद्घाटन स्थल पर लगी शिलापट्ट में रेलवे मंत्री के नाम के साथ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का नाम दर्ज होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और कुमरपुर रेलवे फ्लाइओवर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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