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मितौली CHC में आशा कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल, 2022 से बकाया मानदेय नहीं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। लखीमपुर खीरी जनपद के मितौली तहसील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सैकड़ों आशा बहुओं ने अपनी लंबित मांगों और पिछले दो वर्षों से अटके मानदेय के भुगतान को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। “काम के बदले पैसा दो” के नारों से सीएचसी परिसर गूंज उठा।

टीबीआई समेत कई मदों में भुगतान न होने का आरोप

धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच किए गए कार्यों का अब तक भुगतान नहीं किया गया है। खासकर टीबीआई (TBI) कार्यक्रम के अंतर्गत गांव-गांव जाकर किए गए सर्वे, निगरानी और रिपोर्टिंग का पैसा आज भी बकाया है। आशाओं का कहना है कि उन्होंने टीबी उन्मूलन, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए लगातार काम किया, लेकिन भुगतान के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते रहे।

Lakhimpur Kheri: दो साल से दफ्तरों के चक्कर, परिवार पर संकट

प्रदर्शन कर रही आशा बहुओं ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। उनका आरोप है कि विभागीय लापरवाही और संभावित वित्तीय अनियमितताओं के कारण उनका मानदेय रोका गया है। एक आशा कार्यकर्ता ने कहा कि हमें पहले ही बहुत कम मानदेय मिलता है। अगर वह भी दो-दो साल तक न मिले तो परिवार का गुजारा कैसे होगा? विभाग हमसे मुफ्त में काम कराना चाहता है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की आशंका

मितौली CHC पर चल रहे धरने का असर अब ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने, बच्चों के टीकाकरण और संक्रामक रोगों की निगरानी जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। मितौली ब्लॉक के दर्जनों गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की कगार पर हैं।

Lakhimpur Kheri: प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ा आक्रोश

धरना शुरू होने के कई घंटे बाद तक स्वास्थ्य विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। आशा बहुओं ने साफ कहा है कि जब तक **2022 से 2024 तक का पूरा बकाया** (टीबीआई सहित अन्य मदों का भुगतान) उनके खातों में नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ये है आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें

  • टीबीआई (TBI) मद का वर्ष 2022–2024 तक का बकाया तत्काल भुगतान
  • जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण सहित अन्य प्रोत्साहन राशियों का भुगतान
  • भुगतान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और लंबित राशि का स्पष्ट विवरण

Lakhimpur Kheri: स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

मितौली CHC का यह धरना जिले के स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को अपने हक के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।

Report By: संजय कुमार 

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