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खीरी में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का शंखनाद, पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन ने ग्रामीणों को दिलाई सुरक्षा की शपथ

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश शासन और महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ के कड़े निर्देशों के अनुपालन में जनपद लखीमपुर खीरी में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को पूरी सक्रियता के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खीरी के कुशल नेतृत्व और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) व नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में पुलिस की संयुक्त टीम ने कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम पिपरिया राजापुर में एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

100 दिवसीय मिशन मोड अभियान

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश के पत्र के आदेशानुसार, बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य समाज में बाल विवाह के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) का वातावरण तैयार करना और बच्चों के सुनहरे भविष्य को सुरक्षित करना है।

Lakhimpur Kheri: संयुक्त टीम ने संभाली कमान

अभियान की सफलता के लिए एएचटीयू (AHTU) और एसजेपीयू (SJPU) प्रभारी उपनिरीक्षक राम अवतार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में उपनिरीक्षक आदित्य प्रताप सिंह, महिला उपनिरीक्षक सर्वेश मौर्य, महिला कांस्टेबल संध्या श्रीवास्तव, कांस्टेबल चंद्र मोहन त्यागी और अमित कुमार शामिल थे। साथ ही, चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से अंजुम परवीन ने भी ग्रामीणों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

बाल विवाह पर कानूनी और सामाजिक जोर

ग्राम पिपरिया राजापुर में आयोजित चौपाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह एक गंभीर कानूनी अपराध भी है। टीम ने बताया कि भारतीय कानून के अनुसार शादी के लिए लड़कियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा, कम उम्र में विवाह के शारीरिक और मानसिक प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई कि वे न तो अपने परिवार में बाल विवाह करेंगे और न ही समाज में कहीं ऐसा होने देंगे।

Lakhimpur Kheri: हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी

इस अवसर पर पुलिस प्रशासन ने आम जनमानस को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी, जिनकी मदद से किसी भी बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है। ये हेल्पलाइन नंबर हैं…

1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन): संकट में फंसे बच्चों की मदद के लिए।

112 (आपातकालीन सेवा): किसी भी पुलिस सहायता हेतु।

181 (महिला हेल्पलाइन): महिलाओं की सुरक्षा और परामर्श हेतु।

1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन): शिकायतों के निस्तारण हेतु।

108 (एम्बुलेंस सेवा): स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल के लिए।

लखीमपुर खीरी पुलिस का यह प्रयास समाज में चेतना जगाने का कार्य कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल 100 दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले को पूरी तरह से ‘बाल विवाह मुक्त’ घोषित किए जाने तक निरंतर जारी रहेगा। स्थानीय निवासियों ने भी इस जागरूकता कार्यक्रम को सराहा और पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

Report By: संजय कुमार 

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