Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी कस्बे में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए अपराधियों ने एक बार फिर पुलिसिया इकबाल को सीधे तौर पर ललकारा है। ‘भयमुक्त समाज’ के दावों के बीच मोहम्मदी नगर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें न तो छात्र के भविष्य की परवाह है और न ही पुलिस की वर्दी का खौफ। ताजा घटनाक्रम में, चोरों ने एक ऐसे छात्र को अपना निशाना बनाया जो अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटा था। इस वारदात ने नगर में पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।
परीक्षा के ‘प्रवेश पत्र’ के बदले मिला ‘चोरी का जख्म’
विस्तृत जानकारी के अनुसार, जेपी इंटर कॉलेज का एक छात्र अपनी आगामी बोर्ड परीक्षा का प्रवेश पत्र (Admit Card) लेने के लिए कॉलेज पहुँचा था। छात्र के मन में परीक्षा को लेकर उत्साह और थोड़ा तनाव भी था। उसने अपनी बाइक कॉलेज के मुख्य द्वार के पास खड़ी की और इस भरोसे के साथ अंदर गया कि दिनदहाड़े और भीड़भाड़ वाले इलाके में उसका वाहन सुरक्षित रहेगा। लेकिन, उसे क्या पता था कि बाहर भेड़ियों की तरह घात लगाए बैठे चोर उसके ‘संघर्ष की सवारी’ को ही अपनी नजरों में बसाए हुए हैं। छात्र जैसे ही कॉलेज कार्यालय से अपना एडमिट कार्ड लेकर बाहर निकला, उसके होश उड़ गए। मौके से उसकी बाइक नदारद थी। छात्र ने आसपास काफी तलाश की, लोगों से पूछताछ की, लेकिन शातिर चोर पलक झपकते ही बाइक लेकर चंपत हो चुके थे। परीक्षा की खुशी पल भर में मातम में बदल गई और छात्र बदहवास होकर वहीं बैठ गया।
हैरानी की बात यह है कि मोहम्मदी नगर चौकी की कमान अभी हाल ही में नवागत इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह ने संभाली है। पुलिस महकमे में यह माना जाता है कि जब कोई नया अधिकारी पदभार ग्रहण करता है, तो अपराधियों में खौफ पैदा होता है और वारदातों में कमी आती है। लेकिन मोहम्मदी में इसके उलट नजारा देखने को मिला।
यहाँ चोरों ने नवागत इंचार्ज के ‘स्वागत’ में सीधे उनके कार्यक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे डाली। कस्बे में यह चर्चा आम हो गई है कि नए साहब के आते ही “सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने लगे हैं”। पदभार संभालते ही चोरों ने इंचार्ज साहब को यह अहसास करा दिया है कि मोहम्मदी की गलियों में पुलिस का नहीं, बल्कि अपराधियों का तंत्र ज्यादा सक्रिय है। यह वारदात पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक गहरा जख्म है।
Lakhimpur Kheri: भगवान भरोसे है छात्रों की सुरक्षा?
यह मामला केवल एक बाइक चोरी का नहीं है, बल्कि यह उस ‘सिस्टम’ की नाकामी है जो शिक्षण संस्थानों के बाहर भी सुरक्षा मुहैया नहीं करा पा रहा है। बोर्ड परीक्षा के समय जब एक छात्र का पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर होना चाहिए, उस समय वह पुलिस थानों और गलियों में अपनी बाइक ढूँढने को मजबूर है। जेपी इंटर कॉलेज के सामने से दिनदहाड़े बाइक चोरी होना यह दर्शाता है कि चोरों के मन में कानून का रत्ती भर भी भय नहीं है। फादील की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मदी के व्यापारियों, छात्रों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर भीड़भाड़ वाले इलाकों और स्कूलों के बाहर भी वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो पुलिस की गश्त का क्या मतलब? स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द सीसीटीवी फुटेज खंगालकर चोरों को गिरफ्तार किया जाए।
नवागत चौकी इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह के लिए यह पहली और सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। अपराधियों ने उनके आते ही जिस तरह की वारदात को अंजाम दिया है, उससे उनकी छवि पर सीधा असर पड़ा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मोहम्मदी पुलिस कितनी मुस्तैदी से इन चोरों को सलाखों के पीछे भेजती है और छात्र की बाइक बरामद करती है। क्या पुलिस अपराधियों के इस ‘चैलेंज’ का जवाब दे पाएगी? या फिर यह मामला भी फाइलों की धूल फाँकने के लिए छोड़ दिया जाएगा? मोहम्मदी की जनता अब सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) लखीमपुर से गुहार लगा रही है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर अपराधियों के खिलाफ ‘बुलडोजर’ जैसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र को ऐसी जिल्लत न झेलनी पड़े।
Report By: संजय कुमार राठौर
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