Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद की हैदराबाद पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए गोला–बांकेगंज रोड पर हुए सनसनीखेज लूटकांड का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा के कड़े रुख और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते, पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर न केवल वारदात का अनावरण किया, बल्कि लूट की बड़ी रकम के साथ 5 शातिर आरोपियों को दबोच लिया है।
क्या थी वारदात?
बीती 19 जनवरी 2026 को गोला–बांकेगंज रोड पर बेखौफ बदमाशों ने व्यापारी राजेन्द्र अग्रवाल को अपना निशाना बनाया था। बदमाशों ने व्यापारी के साथ मारपीट करते हुए उनसे ढाई लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था और मौके से फरार हो गए थे। इस घटना ने व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया था, जिसके बाद एसपी ने स्वाट और सर्विलांस टीमों को तत्काल खुलासे के निर्देश दिए थे। अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार राय और क्षेत्राधिकारी रमेश कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष सुनील मलिक की टीम ने जाल बिछाया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित किया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अंकित गुप्ता, हरिओम गुप्ता, आकाश वाल्मिकी, विकास उर्फ लालू कसाना और अमान के रूप में हुई है।
पुलिस ने लुटेरों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई सामग्री और लूट का माल बरामद किया है। जिसमें लूट के ₹1,09,800 नकद, लूट में प्रयुक्त सफेद रंग की मारुति एस-प्रेसो (S-Presso) कार, एक 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त डंडे, व्यापारी की दुकान के नकद कूपन और वादी राजेन्द्र अग्रवाल के आधार कार्ड की प्रति शामिल है।
Lakhimpur Kheri: फरार साथियों की तलाश जारी
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात की साजिश में दो अन्य साथी अंकुर गुर्जर और पियूष बैंसला भी शामिल थे, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है और दावा किया है कि जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे। सटीक मुखबिरी और तकनीकी सर्विलांस के दम पर लखीमपुर पुलिस ने जिस तरह से इस वारदात का अनावरण किया है, उससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। यह खुलासा उन अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है जो शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करते हैं।
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