Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में सड़क हादसों का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ रहा है, वह चिंता का विषय है। अक्सर इन हादसों के पीछे मानवीय भूल और यातायात नियमों की अनदेखी सबसे बड़ा कारण होती है। रविवार की सुबह उचौलिया थाना क्षेत्र का कोटरा इलाका एक ऐसी ही दर्दनाक चीख का गवाह बना। यहाँ एक ऑल्टो कार और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी। लेकिन इस अंधेरे मंजर के बीच मानवता की एक ऐसी किरण दिखी, जिसने साबित कर दिया कि आज भी दुनिया में परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
गलत दिशा बनी ‘यमदूत’
घटनाक्रम के अनुसार, उचौलिया थाना क्षेत्र के कोटरा के पास यातायात उस समय सामान्य रूप से चल रहा था। तभी अचानक दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर एक अनियंत्रित ट्रक गलत दिशा (Wrong Side) से आता हुआ दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। सामने से आ रही एक ऑल्टो कार ने खुद को बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन गलत साइड से आ रहे ट्रक ने कार को ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि कार के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सड़क से उछलकर करीब कई फीट नीचे गहरी खाई में जाकर पलट गई। कार के खाई में गिरते ही एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और मौके पर धूल का गुबार छा गया। कार के अंदर तीन यात्री सवार थे, जो पूरी तरह मलबे में फंस गए थे। उनके पास न तो हिलने की जगह थी और न ही बाहर निकलने का कोई रास्ता।
Lakhimpur Kheri: देवदूत बनकर पहुँचे जांबाज
हादसे के ठीक बाद जब आसपास के लोग सहमे हुए थे, तभी ‘सेवा का जुनून’ टीम के सदस्य वहाँ से गुजर रहे थे। एक्सीडेंट की भीषण आवाज सुनते ही टीम ने अपनी गाड़ी रोकी। टीम के सदस्यों ने देखा कि कार खाई में उल्टी पड़ी है और अंदर से कराहने की आवाजें आ रही हैं। बिना एक पल की देरी किए, सेवा का जुनून की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। जहाँ अक्सर लोग ऐसी घटनाओं के समय मोबाइल निकाल कर वीडियो बनाने में लग जाते हैं, वहीं इस टीम के सदस्यों ने अपनी जान की परवाह किए बिना खाई में छलांग लगा दी। कार के दरवाजे पूरी तरह पिचक चुके थे, जिससे घायलों को निकालना लगभग नामुमकिन लग रहा था। टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए कार के शीशे तोड़े और एक-एक कर तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह रेस्क्यू ऑपरेशन किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था, जहाँ समय बहुत कम था और खतरा बहुत ज्यादा।
रेस्क्यू के बाद की कार्रवाई
घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद टीम ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की और उनके परिजनों को सूचित किया। लेकिन टीम का कार्य केवल घायलों को निकालने तक सीमित नहीं रहा। सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने तत्काल उचौलिया थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। खाई में पलटी कार को बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए टीम ने अपने स्तर पर तत्काल एक हाइड्रा मशीन का इंतजाम किया। हाइड्रा की मदद से कार को खाई से बाहर निकाला गया। इस दौरान टीम ने कार के भीतर मौजूद यात्रियों के कीमती सामान और अन्य दस्तावेजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की। जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो टीम ने पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार और सारा सामान पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

Lakhimpur Kheri: प्रशासनिक रवैया और नियमों की अनदेखी पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि नेशनल हाईवे पर ट्रक चालक इतनी बेखौफ होकर गलत दिशा में वाहन कैसे चला लेते हैं? क्या हाईवे पर पुलिस की गश्त केवल खानापूर्ति तक सीमित है? गलत साइड से आने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाता? एक तरफ प्रशासन ‘सड़क सुरक्षा माह’ मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्रक चालकों की ऐसी जानलेवा लापरवाही सरेआम हो रही है। क्या कोटरा के पास कोई ऐसा कट है जो चालकों को गलत साइड जाने के लिए उकसाता है? वहीं मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों ने जहाँ ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, वहीं ‘सेवा का जुनून’ टीम की प्रशंसा में कसीदे पढ़े। ग्रामीणों ने कहा कि “अगर आज ये टीम यहाँ न होती, तो शायद उन तीनों की जान बचाना मुश्किल होता।” टीम के इस निस्वार्थ सेवा भाव ने जिले के अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल कायम की है।
अधिकारियों का आश्वासन
उचौलिया पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है, जो कि समय पर मिले इलाज और सफल रेस्क्यू का ही परिणाम है।
Report By: संजय कुमार राठौर







