Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश की पावन धार्मिक नगरी और ‘छोटी काशी’ के नाम से विख्यात गोला गोकर्णनाथ में महाशिवरात्रि के महापर्व को लेकर शासन-प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लाखों की संख्या में उमड़ने वाले शिव भक्तों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए लखनऊ मंडल के शीर्ष अधिकारियों ने स्वयं कमान संभाल ली है। गुरुवार को लखनऊ मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और पुलिस महानिरीक्षक (IG) लखनऊ परिक्षेत्र श्री किरण एस. ने गोला गोकर्णनाथ पहुँचकर मंदिर परिसर, कस्बे के प्रमुख चौराहों और पार्किंग स्थलों का मैराथन निरीक्षण किया। अधिकारियों के इस दौरे ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार आस्था के इस महाकुंभ में सुरक्षा और व्यवस्था का स्तर ‘अभूतपूर्व’ होने वाला है।
धरातल पर परखी गईं सुरक्षा की कड़ियाँ
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर और आईजी के साथ जिलाधिकारी खीरी श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक खीरी डॉ. ख्याति गर्ग भी मौजूद रहीं। अधिकारियों की टीम ने मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश और निकास के रास्तों, बैरिकेडिंग की मजबूती और श्रद्धालुओं की कतारों के लिए बनाए गए शेड्स का बारीकी से मुआयना किया। कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिर के चारों ओर और कॉरिडोर के रास्तों में कहीं भी जलभराव या गंदगी न रहे। उन्होंने अब तक की तैयारियों पर संतोष तो जताया, लेकिन कड़े लहजे में कहा कि जो भी कार्य अवशेष हैं, उन्हें त्यौहार की तिथि से पहले हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

Lakhimpur Kheri: नीलकंठ मैदान में ‘सुरक्षा संवाद’ और वालेंटियर्स को गुरुमंत्र
निरीक्षण के बाद अधिकारियों का काफिला नीलकंठ मैदान पहुँचा, जहाँ उन्होंने ‘आपदा मित्रों’ और ‘वालेंटियर्स’ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। आईजी लखनऊ परिक्षेत्र श्री किरण एस. ने वालेंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) में उनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्रता से पेश आएं और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। इसके साथ ही मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के साथ भी लंबी चर्चा हुई, जिसमें जलाभिषेक के दौरान गर्भगृह की मर्यादा और व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति बनी। लाखों की भीड़ के बीच शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारियों ने कस्बे के उन प्रमुख चौराहों का भ्रमण किया जहाँ से ट्रैफिक डायवर्ट किया जाना है।
* पार्किंग स्थल: पार्किंग स्थलों पर धूल न उड़े इसके लिए पानी के छिड़काव और रात में पर्याप्त दूधिया रोशनी के निर्देश दिए गए हैं।
* बैरिकेडिंग: प्रमुख मार्गों पर ऐसी बैरिकेडिंग की जा रही है जिससे पैदल यात्रियों और आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) के लिए रास्ता सुरक्षित रहे।
* सीसीटीवी निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र को हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिसकी मॉनिटरिंग के लिए एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है।
भ्रमण के दौरान प्रशासन की पूरी मशीनरी मौके पर मौजूद रही। सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी अमित राय सहित मुख्य चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता, उपजिलाधिकारी गोला और क्षेत्राधिकारी गोला ने अपनी-अपनी रिपोर्ट आला अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर के समीप अस्थाई बेड और लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित की जाए। फादील की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, महाशिवरात्रि पर गोला गोकर्णनाथ में इस बार तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ के घनत्व पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी क्षेत्र में दबाव बढ़ने पर तुरंत अतिरिक्त बल भेजा जा सके। कमिश्नर और आईजी के इस दौरे ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता में सुरक्षा के प्रति भारी विश्वास जगाया है।
Report By: संजय कुमार राठौर
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