Lakhimpur Kheri: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बारे में अक्सर कहा जाता है कि वह एक ‘इलेक्शन मशीन’ है जो 365 दिन सक्रिय रहती है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी विधानसभा में आयोजित ‘अटल जन्म शताब्दी गोष्ठी एवं मतदाता विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्यशाला’ इसी राष्ट्रीय रणनीति का एक जीवंत उदाहरण है। जब विपक्ष गठबंधन की गणित सुलझाने में व्यस्त है, तब भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय विधायक ‘मतदाता शुद्धिकरण’ (Voter Purification) जैसे सूक्ष्म स्तर पर चुनावी बिसात बिछा रहे हैं।
भावनात्मक कार्ड: “कार्यकर्ता मेरी जान हैं”
राष्ट्रीय राजनीति में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने एक ऐसा बयान दिया जिसने कार्यकर्ताओं के ‘अस्तित्व’ को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया। विधायक ने मंच से दहाड़ते हुए कहा कि कार्यकर्ता मेरी जान हैं। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भाजपा के उस ‘कैडर-आधारित’ लोकतंत्र का प्रदर्शन है जहाँ अंतिम पंक्ति में बैठा कार्यकर्ता खुद को सत्ता का साझीदार महसूस करता है। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा इसी ‘इमोशनल कनेक्ट’ के जरिए अन्य दलों के मुकाबले खुद को अलग साबित करती है।
Lakhimpur Kheri: नेहरू बनाम पटेल और गांधी परिवार पर निशाना
विधायक लोकेंद्र प्रताप ने अपने संबोधन को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक नेशनल नैरेटिव (राष्ट्रीय विमर्श) में बदल दिया। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कांग्रेस पर तीखे हमले किए: सरदार पटेल की उपेक्षा: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ ऐतिहासिक बेईमानी की। उन्होंने कहा कि नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना और पटेल की उपेक्षा करना कांग्रेस की उस ‘परिवारवाद’ वाली मानसिकता का प्रतीक था, जिसने प्रतिभा को दबाया। सामंती राजनीति: गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए विधायक ने कहा कि दिल्ली में बैठी इस चौकड़ी ने कभी जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को नहीं समझा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चाय बेचने वाले से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक को देश का नेतृत्व करने का अवसर दिया।

इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सा था मतदाता विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)। भाजपा इसे राष्ट्रीय स्तर पर ‘बूथ विजय अभियान’ का नाम देती है। शुद्धिकरण का लक्ष्य: बीएलए-1 और बीएलए-2 को फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के जरिए यह सिखाया गया कि कैसे मतदाता सूची से ‘फर्जी’ वोटों को हटाया जाए और ‘सच्चे’ युवा वोटरों को जोड़ा जाए। माइक्रो-मैनेजमेंट: भाजपा का मानना है कि रैलियों से हवा बनती है, लेकिन जीत बूथ पर वोट पड़ने से होती है। यह कार्यशाला इसी ‘साइलेंट स्ट्राइक’ की तैयारी थी।
सुशासन का मॉडल: योगी-मोदी की जुगलबंदी
जिला अध्यक्ष सुनील सिंह और विधायक लोकेंद्र प्रताप ने संयुक्त रूप से केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का खाका खींचा। गरीब कल्याण: मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना को ‘अंत्योदय’ के सफल प्रयोग के रूप में प्रस्तुत किया गया। माफिया मुक्त प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के ‘बुलडोजर मॉडल’ और माफिया राज के खात्मे को सुशासन की पहली शर्त बताया गया। नेशनल लेवल की राजनीति में ‘अनुशासन’ सर्वोपरि है। यद्यपि जिला अध्यक्ष के विलंब से आने के कारण कुछ कार्यकर्ता लौटे, लेकिन विधायक लोकेंद्र प्रताप की मौजूदगी और उनके “कार्यकर्ता मेरी जान हैं” वाले बयान ने उस थकान को ऊर्जा में बदल दिया। ब्लॉक प्रमुख महेंद्र बाजपेई ने ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प दिलाकर यह स्पष्ट कर दिया कि मोहम्मदी की यह चिंगारी पूरे जनपद और प्रदेश में संगठन को मजबूती देगी।
Lakhimpur Kheri: 2027 की तैयारी का ‘मोहम्मदी मॉडल’
मोहम्मदी का यह कार्यक्रम भाजपा के उस दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है जहाँ चुनाव की घोषणा से वर्षों पहले ही जमीन तैयार की जाती है। विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह का नेतृत्व, कार्यकर्ताओं का समर्पण और ‘मतदाता शुद्धिकरण’ की तकनीक मिलकर एक ऐसा अभेद्य दुर्ग बना रहे हैं, जिसे भेदना विपक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती होगा।
Report By: संजय कुमार राठौर
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