Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। लखीमपुर खीरी के चर्चित फरधान गैंगरेप कांड का मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी अपराधी तालिब उर्फ आजम को सुल्तानपुर जिले के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। यह मुठभेड़ लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन का परिणाम रही, जिसमें आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
घेराबंदी के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
सूत्रों के अनुसार, लखीमपुर खीरी पुलिस को सूचना मिली थी कि फरधान गैंगरेप कांड के बाद से फरार चल रहा आरोपी तालिब उर्फ आजम अपनी लोकेशन सुल्तानपुर बदलने की कोशिश कर रहा है। पुलिस की एक विशेष टीम उसकी ट्रैकिंग कर रही थी, और जैसे ही उसका ठिकाना सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में पाया गया, पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की। हालांकि, जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने का कहा, तो आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तालिब गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Lakhimpur Kheri: फरधान गैंगरेप कांड क्या था?
लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था। तालिब इस कांड का मुख्य मास्टरमाइंड था और उसके खिलाफ पुलिस ने कई बार छापेमारी की, लेकिन वह लगातार फरार रहता था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसके बाद उसकी तलाश में पुलिस ने लगातार दबिश दी।

काले अतीत का खात्मा
तालिब उर्फ आजम कोई सामान्य अपराधी नहीं था। वह एक शातिर अपराधी था और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ गैंगरेप, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और हत्या जैसे गंभीर मामलों में कुल 17 मुकदमे दर्ज थे। वह सिर्फ लखीमपुर खीरी में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात था।
Lakhimpur Kheri: संयुक्त पुलिस ऑपरेशन की सफलता
लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप यह मुठभेड़ सफल रही। जब लखीमपुर पुलिस को आरोपी की लोकेशन के बारे में सटीक जानकारी मिली, तो उन्होंने सुल्तानपुर पुलिस के साथ मिलकर उसे घेर लिया। इस ऑपरेशन की सफलता ने यह साबित कर दिया कि यूपी पुलिस किसी भी अपराधी को बख्शने का नाम नहीं लेती और अगर अपराधी कानून की पकड़ से भागने की कोशिश करता है, तो उसे सलाखों के पीछे लाकर ही दम लिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की कार्रवाई
मुठभेड़ के बाद दोनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस ने तालिब के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किसने पनाह दी और शरण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Lakhimpur Kheri: पुलिस अधिकारी का बयान
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस एनकाउंटर पर कहा कि अपराधी चाहे पाताल में भी छुपा हो, यूपी पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी। तालिब पर एक लाख का इनाम था और वह कई जिलों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। आज की कार्रवाई से अपराधियों में भय और जनता में विश्वास पैदा होगा।







