Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद में नेशनल हाईवे और मुख्य मार्ग इन दिनों ‘विकास’ के नहीं, बल्कि ‘विनाशकारी जाम’ के पर्याय बन चुके हैं। जैसे ही सहालग और बारातों का सीजन शुरू होता है, शहर के दर्जनों मैरिज लॉन नेशनल रोड को अपनी निजी जागीर समझकर उसे पार्किंग के अड्डे में तब्दील कर देते हैं। आज फिर इमली चौराहे से लेकर मेला रोड और नेशनल हाईवे के संपर्क मार्गों पर घंटों तक जिंदगी रेंगती रही। रसूखदार लॉन मालिकों की मनमानी और प्रशासन की ‘कुंभकर्णी नींद’ ने हजारों राहगीरों को सड़क पर बंधक बनाए रखा।
नेशनल रोड पर ‘पार्किंग’ का अवैध कब्जा
लखीमपुर खीरी के नेशनल रोड पर स्थित दर्जनों मैरिज लॉन में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होना, शहर के लिए कोढ़ में खाज साबित हो रहा है। बारातों के दौरान अतिथियों की गाड़ियाँ बेतरतीब तरीके से सड़क के दोनों ओर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे हाईवे जैसा महत्वपूर्ण मार्ग एक संकरी गली में बदल जाता है। घंटों तक चले इस महाजाम में पहियों की रफ्तार पूरी तरह थम गई और लोग अपनी गाड़ियों में पसीने से तर-बतर होकर सिस्टम को कोसते नजर आए। इमली चौराहे पर आज अराजकता का वो मंजर दिखा जो प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। सड़क के बीचों-बीच खड़े विशालकाय डीजे और उस पर थिरकते बारातियों को न तो कानून का डर था और न ही जाम में फंसे लोगों की पीड़ा का एहसास। रसूख की इस नुमाइश ने ध्वनि प्रदूषण के मानकों को भी रौंद दिया। बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह शोर किसी प्रताड़ना से कम नहीं था। घंटों तक चले इस उपद्रव के बावजूद मौके पर यातायात बहाल कराने के लिए कोई जिम्मेदार सिपाही तक नहीं पहुँचा।
Lakhimpur Kheri: एम्बुलेंस और मासूमों की अटकीं ‘सांसें’
जाम का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि इसमें कई एम्बुलेंस फंसी रहीं, जिनके सायरन की आवाज डीजे के शोर में दबकर रह गई। स्कूल से लौट रहे मासूम बच्चे और अपने गंतव्य को जाने वाली महिलाएं घंटों तक भूख-प्यास और शोर के बीच तड़पती रहीं। सवाल यह है कि यदि इस जाम के दौरान किसी गंभीर मरीज की जान चली जाती, तो क्या प्रशासन उन मैरिज लॉन मालिकों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करता? संजय कुमार राठौर की यह विशेष रिपोर्ट प्रशासन से जवाब मांगती है कि बिना पार्किंग के कैसे चल रहे लॉन? क्या मानकों की अनदेखी करने वाले मैरिज लॉन संचालकों के खिलाफ कोई सीलिंग की कार्रवाई होगी? हाईवे पर पार्किंग की अनुमति किसने दी? नेशनल रोड को पार्किंग का अड्डा बनाने वाले रसूखदारों पर पुलिसिया कार्रवाई क्यों नहीं होती? कहाँ है ‘स्मार्ट’ कंट्रोल रूम? घंटों तक शहर का दम घुटता रहा और सीसीटीवी की निगरानी करने वाला विभाग मौन क्यों रहा?
जनता की ये है मांग
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मांग की है कि जिन मैरिज लॉन के पास अपनी पार्किंग नहीं है, उनके लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाएं। साथ ही, शादी के सीजन में नेशनल रोड पर डीजे और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाए। जनता का साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने इन ‘सड़किया तमाशों’ पर लगाम नहीं लगाई, तो वे आंदोलन को विवश होंगे।







