ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » Lakhimpur Kheri: 110 जोड़ों का सामूहिक विवाह अव्यवस्थाओं की भेंट, निकाहों का हिसाब देने में फेल रहे अधिकारी

Lakhimpur Kheri: 110 जोड़ों का सामूहिक विवाह अव्यवस्थाओं की भेंट, निकाहों का हिसाब देने में फेल रहे अधिकारी

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: विकासखंड मोहम्मदी और पसगवां द्वारा आयोजित संयुक्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम पिपरिया कप्तान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में कुल 110 जोड़ों का पंजीकरण किया गया था। बड़े स्तर पर आयोजित इस समारोह में मंच पर विधायक एवं राज्यमंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र बाजपेई, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रीति मिश्रा, डीडीओ मोहम्मदी और वीडीओ अश्वनी कुमार सिंह मौजूद रहे। लेकिन लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कार्यक्रम में अव्यवस्था, बदहाल व्यवस्थाएँ और बेसिक सुविधाओं की कमी साफ नजर आई, जिससे लाभार्थियों और परिजनों में नाराजगी फैल गई। कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के पाँच निकाह प्रस्तावित थे, लेकिन केवल एक ही जोड़ा स्थल पर पहुँचा, जिसका काजी ने निकाह पढ़ाया। हैरानी की बात यह रही कि अधिकारियों से बार-बार पूछने पर भी कोई यह स्पष्ट नहीं कर सका कि कुल कितने निकाह हुए। समाज कल्याण अधिकारी से लेकर ब्लॉक अधिकारी तक सभी मीडिया से बचते दिखे, जिससे पूरे कार्यक्रम की पारदर्शिता पर सवाल उठ खड़े हुए।

करीब 16.50 लाख का बजट

सूत्रों के अनुसार प्रति जोड़ा टेंट, भोजन, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर लगभग ₹15,000 खर्च प्रस्तावित था। इस हिसाब से पूरे कार्यक्रम पर लगभग ₹16,50,000 का खर्च बैठता है। लेकिन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को देखकर लोगों ने समाज कल्याण विभाग पर अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

Lakhimpur Kheri: प्यास और धूप में बेहाल रहे वर-वधू

कार्यक्रम में शामिल कई जोड़ों और परिजनों ने बताया कि उन्हें सुबह 10 बजे बुला लिया गया, जबकि फेरे करीब 3:30 बजे शुरू हुए। लंबे इंतजार के दौरान भोजन की कमी, पेयजल उपलब्ध न होना, और धूप से बचाव की व्यवस्था न होना जैसी दिक्कतों के कारण वर-वधू और उनके परिवार परेशान दिखाई दिए। वहीं दूसरी ओर अधिकारी मंच पर आराम से बैठे गतिविधियों में व्यस्त रहे।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह
                                                                        मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह

लोगों में भारी नाराजगी

अव्यवस्था और लापरवाही से भरे इस सामूहिक विवाह समारोह ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लाभार्थियों का कहना है कि यदि सरकार गरीब परिवारों के लिए योजनाएँ चलाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को उनकी गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी चाहिए।

Report By: संजय कुमार राठौर 

ये भी पढ़े… Babri Vs Ram Mandir: बंगाल में ‘बाबरी मस्जिद’ की घोषणा पर संतों ने जताई आपत्ति, TMC विधायक की गर्दन काटकर लाने वालों को ‘1 करोड़ रुपए देने का किया ऐलान’

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल