Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध पीके इंटर कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब कॉलेज परिसर के भीतर बिछी पानी की पाइप लाइन में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी लपटें देख कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं।
कैसे शुरू हुआ अग्नि तांडव?
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय जब कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही थीं, तभी परिसर के एक हिस्से से काला धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने पानी की प्लास्टिक पाइप लाइन को अपनी चपेट में ले लिया। प्लास्टिक (पॉलिमर) होने के कारण आग ने अत्यंत विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। आग की भयावहता को देखकर परिसर में मौजूद छात्र अपनी कक्षाओं से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ने लगे।
Lakhimpur Kheri: पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग (Fire Brigade) की टीमें बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गईं। अग्निशमन दल ने तत्परता दिखाते हुए मोर्चा संभाला और आग को मुख्य भवन की ओर बढ़ने से पहले ही घेर लिया। दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। पुलिस बल ने इस दौरान कॉलेज परिसर की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था को संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
बाल-बाल बची मासूमों की जान
इस पूरी घटना में सबसे राहत भरी खबर यह रही कि फिलहाल किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों की सूझबूझ से समय रहते छात्रों को प्रभावित क्षेत्र से दूर कर लिया गया था। हालांकि, पाइप लाइन के पूरी तरह जल जाने के कारण कॉलेज की जलापूर्ति ठप हो गई है और संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि आग थोड़ी देर और न बुझती तो पास की झाड़ियों और बिल्डिंग तक पहुंच सकती थी। पानी की पाइप लाइन में आग कैसे लगी, यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है। शुरुआती कयासों के अनुसार, पाइप लाइन के पास पड़े कूड़े के ढेर में लगी चिंगारी या फिर बिजली के झूलते तारों से हुए शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) को इसका कारण माना जा रहा है। कॉलेज प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है, साथ ही अग्निशमन विभाग भी आग के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटा है।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कॉलेज परिसर का मुआयना किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच की जाएगी। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है, लेकिन परिसर के भीतर सुरक्षा प्रबंधों को और पुख्ता करने की मांग उठाई है।
Report BY: संजय कुमार
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