Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के हृदय स्थल कहे जाने वाले शहरी क्षेत्र में नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के ब्रज भवन के पास स्थित एक बड़े नाले का पत्थर पिछले लगभग 20 से 25 दिनों से टूटा पड़ा है, जो अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए किसी काल से कम नहीं लग रहा। ताज्जुब की बात यह है कि इस व्यस्त मार्ग पर रोजाना हजारों की संख्या में आवाजाही होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं।
हादसों को दावत दे रहा है टूटा पत्थर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, शहर के ब्रज भवन के पास यह नाला काफी गहरा और चौड़ा है। लगभग तीन सप्ताह पहले इसका भारी-भरकम पत्थर टूट गया था। इस रास्ते से सुबह से लेकर देर रात तक सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन, ई-रिक्शा, और स्कूली बसें गुजरती हैं। टूटे हुए पत्थर की वजह से नाला अब एक गहरे गड्ढे का रूप ले चुका है। अंधेरा होते ही यह जगह और भी खतरनाक हो जाती है। कई बार दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा इसमें फंस चुके हैं, जिससे लोग चोटिल भी हुए हैं, लेकिन गनीमत रही कि अभी तक कोई जानलेवा हादसा नहीं हुआ।
Lakhimpur Kheri: वार्ड संख्या 22 के निवासियों में भारी आक्रोश
यह क्षेत्र वार्ड संख्या 22 ‘भुईफोरवा नाथ वार्ड’ के अंतर्गत आता है। यहां के स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और वार्ड के जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कुछ नहीं बदला। वार्डवासियों ने तल्ख तेवर में सवाल पूछा कि, “क्या नगर पालिका प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या किसी की जान जाने का इंतजार कर रहा है?” लोगों का आरोप है कि कर (Tax) वसूलने में नगर पालिका तत्परता दिखाती है, लेकिन जब मूलभूत जनसुविधाओं और सुरक्षा की बात आती है, तो बजट और टेंडर का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी जैसे महत्वपूर्ण जिले में, जहां विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहां शहर के मुख्य मार्ग पर 20 से 25 दिनों तक एक नाले का पत्थर न बदला जाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यदि जल्द ही इस गड्ढे को नहीं भरा गया, तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
Report By: संजय कुमार
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