Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सड़क सुरक्षा’ संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए लखीमपुर खीरी प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनपद के मैगलगंज टोल प्लाजा पर एक भव्य और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के जरिए हजारों यात्रियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और नियमों के पालन की अपील की गई।
‘यमराज’ से नहीं, नियमों से डरें: यात्रियों को दी गई सीख
अभियान के दौरान टोल प्लाजा से गुजरने वाले हर वाहन—चाहे वह दोपहिया हो या भारी ट्रक—को रोककर यात्रियों और चालकों से सीधा संवाद किया गया। टोल प्रबंधन ने यात्रियों को बताया कि सड़क पर आपकी एक पल की लापरवाही केवल आपकी जान नहीं लेती, बल्कि पीछे एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का दर्द दे जाती है। टीम ने विशेष रूप से ‘ओवरस्पीडिंग’ और ‘लेन ड्राइविंग’ के फायदों के बारे में विस्तार से समझाया।
Lakhimpur Kheri: हेलमेट और सीट बेल्ट: सुरक्षा के दो अटूट कवच
मैगलगंज टोल प्लाजा के अधिकारियों ने दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उन्हें हेलमेट की महत्ता समझाई और कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया। मौके पर मौजूद टीम ने देखा कि कई लोग सीट बेल्ट लगाने में कोताही बरत रहे थे, जिन्हें मौके पर ही नियमों का पालन कराया गया। साथ ही, यातायात नियमों से संबंधित पंपलेट और हैंडबिल बांटे गए, ताकि लोग सफर के बाद भी इन नियमों को याद रख सकें।
टोल मैनेजर और टीम ने संभाली कमान
इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व मैगलगंज टोल प्लाजा के मैनेजर ब्रजेश सिंह ने किया। उनके साथ रामू और टोल कर्मियों की पूरी टीम मुस्तैद रही। मैनेजर ब्रजेश सिंह ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल टोल वसूलना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हमारे यहाँ से गुजरने वाला हर यात्री सुरक्षित अपनी मंजिल तक पहुँचे। सड़क सुरक्षा माह के दौरान हम लगातार ऐसे प्रयास कर रहे हैं ताकि लोगों के व्यवहार में बदलाव आए। रात के समय रिफ्लेक्टर और कोहरे में सावधानी बरतने के लिए भी चालकों को जागरूक किया जा रहा है।”

Lakhimpur Kheri: कोहरे और सर्दी के मौसम को लेकर विशेष सतर्कता
चूंकि वर्तमान में उत्तर प्रदेश भीषण कोहरे की चपेट में है, इसलिए टीम ने चालकों को ‘फॉग लाइट’ के उपयोग और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के तकनीकी गुर भी सिखाए। चालकों से अपील की गई कि वे थकान या नींद आने की स्थिति में टोल प्लाजा या सुरक्षित स्थान पर आराम करें, न कि जबरन वाहन चलाएं।मैगलगंज टोल प्लाजा की इस पहल को यात्रियों ने खूब सराहा। दिल्ली से लखनऊ जा रहे एक यात्री ने कहा, “अक्सर हम जल्दीबाजी में नियम भूल जाते हैं, लेकिन इस तरह के अभियान हमें हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाते हैं।”
क्या है अभियान का मुख्य उद्देश्य?
शून्य दुर्घटना: जिले में सड़क हादसों की दर को न्यूनतम स्तर पर लाना।
शिक्षा: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले चालकों को यातायात संकेतों (Signs) का ज्ञान देना।
अनुशासन: बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट यात्रा करने की प्रवृत्ति को खत्म करना।
मैगलगंज टोल प्लाजा पर चलाया गया यह अभियान ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ की सार्थकता को सिद्ध करता है। जब तक हर नागरिक इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक सड़कों पर ‘सुरक्षा’ का पहरा अधूरा रहेगा। टोल प्रबंधन की इस सक्रियता ने निश्चित रूप से क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश भेजा है।
Report By: संजय कुमार राठौर
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