Lakhimpur Kheri: मेडिकल कॉलेज लखीमपुर खीरी ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंगलवार को कॉलेज के डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम ने 17 वर्षीय किशोर हर्षित की जांघ की हड्डी की एक अत्यंत जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. आर.के. कोली स्वयं ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रहे।
पहले जानें क्या है मामला
मिली जानकारी के अनुसार, हर्षित साइकिल से गिर गया था, जिससे उसकी बाईं जांघ की हड्डी (लेफ्ट फीमर) बुरी तरह टूट गई। खास बात यह रही कि हर्षित के पैर में पहले से ही एक रॉड लगी हुई थी, जो दूसरी बार गिरने के कारण बाहर आ गई। इस वजह से उसकी हालत काफी गंभीर हो गई थी और सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई थी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि हर्षित की कम उम्र और गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने मिलकर उसकी सर्जरी का पूरा खर्च स्वयं वहन करने का निर्णय लिया। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ मंगलवार को यह जटिल ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। वर्तमान में हर्षित की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
Lakhimpur Kheri: चिकित्सा सेवाओं में जुड़ा एक नया अध्याय
डॉक्टरों के अनुसार, हर्षित का पहले भी इसी पैर का ऑपरेशन हो चुका था और उसमें रॉड डाली गई थी। इस बार हड्डी के दोबारा टूटने और पुरानी रॉड के बाहर आ जाने से सर्जरी और अधिक कठिन हो गई थी। इसके बावजूद ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शरद वर्मा, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. पुलकित और डॉ. श्रीराम के साथ एनेस्थेटिक टीम में शामिल डॉ. एस.के. मिश्रा और डॉ. श्वेता ने मिलकर सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान हर्षित की जांघ में टाइटेनियम की नई रॉड डाली गई। यह रॉड निजी संसाधनों से मंगवाई गई, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में इस तरह की सामग्री के लिए कोई अलग मद उपलब्ध नहीं होता है। ऑपरेशन के समय मरीज के परिजनों को भी पूरी जानकारी दी गई।
इस सफल सर्जरी के साथ मेडिकल कॉलेज लखीमपुर खीरी की चिकित्सा सेवाओं में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों या बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, जहां इलाज पर 70 से 80 हजार रुपये तक का खर्च आता था। अब यह सुविधा सरकारी मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों की इस उपलब्धि की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
Report By: संजय कुमार
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