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मोहम्मदी में ‘बिना नंबर’ की गाड़ी से आए शातिर ठग का तांडव, QR कोड के जाल में फंसाकर दुकानदार को सरेआम लूटा

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कस्बा मोहम्मदी से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन सुरक्षा कवच पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जहाँ एक ओर भारत सरकार गाँव-गाँव तक ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना साकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर शातिर अपराधी अब तकनीक के जरिए ही गरीब व्यापारियों की खून-पसीने की कमाई पर ‘डिजिटल डकैती’ डाल रहे हैं।

15 हजार की सरेआम ‘लूट’

घटना कस्बा मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुरेला चौराहा (बरवर रोड) की है। यहाँ ‘आकाश’ नाम का एक युवक जनसेवा केंद्र चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 03 फरवरी 2026 की दोपहर लगभग 3:20 बजे, एक अज्ञात व्यक्ति ग्राहक बनकर दुकान पर पहुँचा। उस समय दुकान पर ग्राहकों की काफी भीड़ थी, जिसका फायदा उठाकर ठग ने आकाश को अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। अपराधी ने बड़ी ही मासूमियत से दो अलग-अलग QR कोड आकाश को दिए और उनसे पैसे ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। आकाश ने जैसे ही मानवता और व्यापारिक धर्म निभाते हुए पहले QR कोड पर ₹10,000 भेजे। दूसरे QR कोड पर ₹5,000 ट्रांसफर किए। जैसे ही कुल ₹15,000 का सफल ट्रांजैक्शन हुआ, वह शातिर अपराधी बिना नकद पैसे दिए, अपनी गाड़ी स्टार्ट कर आँखों से ओझल हो गया।

Lakhimpur Kheri: बिना नंबर की गाड़ी और ‘अदृश्य’ अपराधी

इस घटना ने नेशनल लेवल पर इसलिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह एक संगठित अपराध की ओर इशारा करती है। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपराधी जिस गाड़ी से आया था, उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में आरोपी की पूरी रिकॉर्डिंग तो कैद हुई है, लेकिन गाड़ी पर पहचान का कोई निशान न होने के कारण उसे पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

पीड़ित दुकानदार
                                                                      पीड़ित दुकानदार

जनता के मन में उठते राष्ट्रीय स्तर के सवाल

* ट्रैफिक सुरक्षा पर सवाल: आखिर कस्बा कोतवाली और पुलिस की सघन चेकिंग के बावजूद ‘बिना नंबर’ की गाड़ियां सड़कों पर अपराध का सामान लेकर कैसे घूम रही हैं?
* डिजिटल सुरक्षा का अभाव: क्या डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो संदिग्ध QR कोड्स को तुरंत फ्लैग कर सके?
* अपराधियों का मनोबल: क्या अब अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है कि वे भरे बाजार में सीसीटीवी के सामने ठगी कर फरार हो रहे हैं?

पीड़ित की गुहार: ‘साहब, मेहनत की कमाई दिला दो’

पीड़ित दुकानदार आकाश ने कोतवाली मोहम्मदी के प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। आकाश का कहना है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में अगर दुकानदार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो छोटे व्यापारी ऑनलाइन सेवाओं से किनारा करने लगेंगे। पीड़ित ने पुलिस को सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सौंप दी है, जिसमें ठग की पूरी करतूत कैद है। लखीमपुर खीरी के कस्बा मोहम्मदी की यह घटना देश भर के लाखों जनसेवा केंद्र संचालकों और दुकानदारों के लिए एक ‘अलार्म कॉल’ है। इस ‘डिजिटल डकैती’ ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब हथियार लेकर नहीं, बल्कि तकनीक लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। कस्बा मोहम्मदी पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, लेकिन सवाल वही है क्या सीसीटीवी में कैद यह शातिर ठग पुलिस की गिरफ्त में आएगा? या फिर बिना नंबर की गाड़ी का सहारा लेकर वह कानून की आंखों में धूल झोंकता रहेगा?

Report BY: संजय कुमार 

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