Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी शहर के ऐतिहासिक विलोबी मेमोरियल हॉल का मुख्य द्वार इन दिनों आम राहगीरों और दुकानदारों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। कुछ लापरवाह लोगों ने अपनी सुविधा के लिए इस स्थान को ‘पार्किंग का अड्डा’ बना दिया है। सुबह होते ही यहाँ दर्जनों बाइकें बेतरतीब तरीके से खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि यहां अपनी रोजी-रोटी चला रहे छोटे दुकानदारों का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है।
दुकानदारों का बुरा हाल
दुकानदारों का कहना है कि लोग अपनी बाइकें बिल्कुल दुकानों के मुहाने पर खड़ी कर देते हैं। ग्राहकों को दुकान तक जाने का रास्ता नहीं मिलता, जिसके कारण वे दूसरी ओर चले जाते हैं। एक दुकानदार ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया, “सुबह से शाम तक दुकानों के सामने बाइकों का जंगल खड़ा रहता है। ग्राहक हमारी दुकान तक पहुँच ही नहीं पाते। विलोबी के अंदर विशाल मैदान खाली पड़ा है, लेकिन लोग अपनी मनमानी के कारण गेट के बाहर ही गाड़ियां फंसा देते हैं।”
Lakhimpur Kheri: गेट बंद होना बना बड़ी मुसीबत
स्थानीय लोगों के अनुसार, विलोबी ग्राउंड के अंदर पर्याप्त जगह है जहाँ पार्किंग हो सकती है, लेकिन गेट अक्सर बंद रहता है। गेट बंद होने के कारण वाहन चालक मुख्य मार्ग और दुकानों के सामने ही अपनी गाड़ियां पार्क कर चले जाते हैं। प्रशासन की ढिलाई के कारण इस ‘अवैध पार्किंग अड्डे’ पर किसी का अंकुश नहीं है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल?
अतिक्रमण या पार्किंग?: क्या प्रशासन को गेट पर बना यह ‘बाइकों का अड्डा’ नजर नहीं आता, जो सार्वजनिक रास्ते और दुकानों को ब्लॉक कर रहा है?
सजा भुगत रहे दुकानदार: किसी और की मनमानी की सजा उन दुकानदारों को क्यों मिल रही है जो मेहनत करके अपना परिवार पाल रहे हैं?
समाधान की मांग: यदि गेट को पार्किंग के लिए खोल दिया जाए और बाहर बाइक खड़ी करने वालों पर चालानी कार्रवाई हो, तो इस समस्या का तुरंत समाधान हो सकता है।
शहर की यातायात व्यवस्था और छोटे दुकानदारों की आजीविका को दांव पर लगाकर इस तरह का ‘अवैध पार्किंग अड्डा’ चलाना प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाता है। अब देखना यह है कि क्या यातायात पुलिस या नगर पालिका के अधिकारी इस मनमानी पर लगाम लगाकर दुकानदारों को न्याय दिलाएंगे?
Report By: संजय कुमार राठौर







