Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए लखीमपुर खीरी जिले की सभी तहसीलों में “सम्पूर्ण समाधान दिवस” आयोजित किया गया। तहसील सदर में यह कार्यक्रम जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और अधीनस्थ अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
जनता के बीच पहुंचे जिले के आला अधिकारी
तहसील सदर में आयोजित समाधान दिवस में सुबह से ही फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने एक-एक कर प्रार्थना पत्र लिए और सीधे संवाद किया। राजस्व, विकास, पुलिस और शिक्षा जैसे विभागों से जुड़ी शिकायतों की अधिकता को देखते हुए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब किया।
पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने विशेष रूप से भूमि विवाद और आपसी झगड़ों की शिकायतें सुनी। उन्होंने थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
Lakhimpur Kheri: गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का मौके पर पारदर्शी निस्तारण करना है। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर रिपोर्ट लगाने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनी जाए। प्रार्थना पत्रों का निस्तारण निर्धारित समय में होना अनिवार्य है। जिन मामलों में उच्च अधिकारियों की अनुमति आवश्यक हो, वहां तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कि जनता को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। यदि कोई अधिकारी मौके पर जाए बिना फर्जी रिपोर्ट बनाता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रशासन का सख्त रुख
पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने सभी क्षेत्राधिकारियों (CO) को निर्देश दिए कि वे अपनी तहसीलों में मौजूद रहकर शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। महिला अपराध और भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई प्राथमिकता हो। बीट आरक्षियों को सतर्क रहने और छोटी घटनाओं को बड़े विवाद में बदलने से रोकने का निर्देश भी दिया गया।
Lakhimpur Kheri: अधिकारियों को दो टूक निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले समाधान दिवसों के लंबित मामलों का 48 घंटे के भीतर निस्तारण कर रिपोर्ट भेजें। उन्होंने कहा कि निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर आधारित होना चाहिए। मुख्यमंत्री संदर्भ और आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा भी की गई।
Report By: संजय कुमार राठौर
ये भी पढ़े… मुस्तफिजुर को बाहर किए जाने से तिलमिलाया बांग्लादेश, IPL के प्रसारण पर लगाई रोक






