Lakhimpur Kheri: वर्तमान दौर की राजनीति में जहां अक्सर जनप्रतिनिधियों पर जनता से दूरी बनाने और प्रोटोकॉल के घेरे में रहने के आरोप लगते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से एक ऐसी हृदयस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 144 विधानसभा मोहम्मदी से भाजपा विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह ने यह साबित कर दिया कि एक सच्चा जनप्रतिनिधि वही है जो सत्ता की चमक-धमक से पहले अपनी जनता के दर्द को महसूस करे। एक अत्यंत बीमार बालक की जान बचाने के लिए विधायक ने न केवल सरकारी तामझाम को किनारे रखा, बल्कि एक अभिभावक की तरह उसे उपचार दिलाने के लिए खुद मोर्चे पर डट गए।
पहले जानें क्या है मामला?
यह घटना गुरुवार दोपहर की है, जब दर्जा प्राप्त मंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र मोहम्मदी के ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क और विकास कार्यों का जायजा लेने निकले थे। उनका काफिला अपनी गति से आगे बढ़ रहा था, तभी रास्ते में उनकी नजर एक परिवार पर पड़ी जो एक छोटे बालक को गोद में लिए बदहवास खड़े थे। बालक की स्थिति अत्यंत गंभीर दिखाई दे रही थी। जो तेज बुखार और शारीरिक पीड़ा से तड़प रहा था। विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल की देरी किए अपने सुरक्षा घेरे और काफिले को रुकने का आदेश दिया। वे अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और सीधे उस परिवार के पास पहुंचे। बालक की स्थिति देख मंत्री जी का चेहरा चिंता से भर गया। उन्होंने तुरंत परिजनों से बालक की बीमारी के बारे में पूछा और महसूस किया कि यदि इसे अगले कुछ मिनटों में अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, तो स्थिति हाथ से बाहर निकल सकती है।
अक्सर देखा जाता है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान सरकारी एम्बुलेंस या स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियों का इंतजार किया जाता है, जिसमें कीमती समय बर्बाद हो जाता है। लेकिन यहाँ लोकेंद्र प्रताप सिंह ने ‘सिस्टम’ का इंतजार करने के बजाय ‘समाधान’ को प्राथमिकता दी। उन्होंने पास में ही खड़े एक ऑटो रिक्शा को तत्काल बुलाया। मंत्री ने खुद अपनी देखरेख में बालक को सुरक्षित तरीके से ऑटो में बैठाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक ने उस वक्त एक राजनेता की तरह नहीं, बल्कि परिवार के एक बड़े सदस्य की तरह व्यवहार किया। उन्होंने अपने जेब से आर्थिक सहायता भी परिजनों को उपलब्ध कराई और अपने एक कार्यकर्ता को निर्देश दिया कि वह ऑटो के साथ तुरंत अस्पताल जाए ताकि रास्ते में कोई बाधा न आए।
Lakhimpur Kheri: मोहम्मदी CHC में हाई अलर्ट
बालक को ऑटो से मोहम्मदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के लिए रवाना करने के साथ ही, विधायक ने अपने फोन से अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित किया। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि एक बालक गंभीर अवस्था में आ रहा है, अस्पताल के गेट पर डॉक्टर मुस्तैद होने चाहिए। उसके उपचार में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जैसे ही बालक अस्पताल पहुंचा, डॉक्टरों की टीम ने उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। विधायक ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे इस बालक के ठीक होने तक लगातार डॉक्टरों के संपर्क में रहेंगे। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि “आप अकेले नहीं हैं, आपकी सरकार और आपका विधायक आपके साथ खड़ा है वहीं यह खबर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैल गई है। राष्ट्रीय स्तर पर इसे ‘पॉलिटिक्स ऑफ कम्पाशन’ (करुणा की राजनीति) के रूप में देखा जा रहा है।
इस घटना को लेकर स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि हमने मंत्री तो बहुत देखे, लेकिन ऐसा मंत्री पहली बार देखा जो एक गरीब के बच्चे के लिए सड़क पर खड़ा हो जाए। वहीं, अस्पताल में मौजूद मरीजों के तीमारदारों ने भी विधायक की इस तत्परता की सराहना की। जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जहां राजनीति अक्सर जाति और धर्म के समीकरणों में उलझी रहती है, वहां लोकेंद्र प्रताप सिंह जैसे नेताओं द्वारा किए गए मानवीय कार्य लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करते हैं। यह घटना अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक नजीर है कि कैसे संकट के समय त्वरित निर्णय लेकर किसी की जान बचाई जा सकती है।
Report By: संजय कुमार राठौर
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