Land for Job Case: चर्चित लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और सत्तापक्ष के नेताओं ने अदालत के फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का स्वाभाविक परिणाम बताया है, वहीं विपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप और तीखे हो गए हैं।
“कानून के रास्ते में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए”
पटना में मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह पूरा मामला अदालत के अधीन है और कानून अपना काम कर रहा है। इसमें किसी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। मंत्री दीपक प्रकाश ने भी कहा कि आरोप तय हो जाने के बाद अब मामले का शीघ्र निपटारा जरूरी है, ताकि सच जनता के सामने आए और दोषियों को सजा मिले।
Land for Job Case: न्यायपालिका का विषय, राजनीति का नहीं: मंत्री चौधरी
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अदालत स्वतंत्र रूप से फैसला करती है। अगर किसी पक्ष को न्याय नहीं लगता तो ऊपरी अदालत का विकल्प खुला है। यह विशुद्ध रूप से न्यायपालिका का विषय है, इसमें सरकार या राजनीति की भूमिका नहीं होनी चाहिए।
भाजपा का हमला: जंगलराज और भ्रष्टाचार की याद दिलाई
भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप कोई नए नहीं हैं। जंगलराज के दौर से जुड़े कई मामलों में अदालतों ने पहले भी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि आज जो हुआ, वह पहले से तय था, क्योंकि सबूत सामने थे।
Land for Job Case: “मजबूत सबूत पेश हुए, अब फैसले के लिए तैयार रहें”
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों ने अदालत में ठोस साक्ष्य रखे हैं। लालू परिवार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया और लंबी सुनवाई के बाद यह निर्णय आया है। अब उन्हें अदालत के अगले निर्देशों के लिए तैयार रहना चाहिए।
अजय आलोक का तीखा बयान: “तिहाड़ अगला पड़ाव”
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने सबसे तीखा बयान देते हुए कहा कि आरोप तय होना तय था, क्योंकि सबूत साफ हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब अगला कदम भी साफ है- लालू परिवार का अगला ठिकाना तिहाड़ जेल होगा। उनके मुताबिक, पिता, पुत्र और पत्नी सभी को अपने कर्मों की सजा भुगतनी पड़ेगी।
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