Love Jihad: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां गजरौला शहर के विजय नगर निवासी साहिल नामक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक शोषण किया, जबरन गर्भपात करवा दिया और पैसे व गहने हड़प लिए। इसके साथ ही, आरोपी ने युवती पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया।
पीड़िता का बयान
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साल 2023 में उनकी साहिल से स्नैपचैट पर बातचीत शुरू हुई। साहिल ने खुद को ‘हिंदू जाट’ और नीब करौरी बाबा का भक्त बताकर युवती का विश्वास जीता। इसके बाद उसने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक उसका शोषण किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने मंदिर की कसमें खाकर उसका भरोसा जीतने की कोशिश की। इसके बाद जब युवती गर्भवती हुई, तो साहिल ने उसे जबरन गर्भपात की दवा खिलाई।
इतना ही नहीं, साहिल ने युवती से हजारों रुपये और गहने भी ठग लि। बाद में, जब युवती ने साहिल की सच्चाई जानने की कोशिश की, तो पता चला कि साहिल मुस्लिम और पहले से शादीशुदा है। यह खुलासा साहिल के फोन पर उसकी पत्नी का कॉल आने पर हुआ।
Love Jihad: धर्म परिवर्तन का दबाव
सच्चाई सामने आने के बाद साहिल ने युवती पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालना शुरू किया। उसने कहा कि शादी तभी होगी जब वह हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाए। इसके अलावा, आरोपी ने जान से मारने और अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकियाँ भी दी। जिसके बाद पीड़िता ने गजरौला पुलिस को इसकी शिकायत की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए साहिल और उसके साथी जुनैद के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात, और धार्मिक धोखे का भी मामला शामिल है।

पुलिस मामले में क्या कहती है?
उधर इस मामले में सीओ धनौरा अंजली कटारिया ने मीडिया को बताया कि मुख्य आरोपी साहिल पुत्र रुक्मुद्दीन को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। सामाजिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील इस तरह के मामलों में पुलिस की तेज कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षा देना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। गजरौला पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह के धोखाधड़ी और धार्मिक दबाव के मामलों में किसी भी तरह की सहनशीलता नहीं बरती जाएगी।
स्थानीय लोग और समाजसेवी इस घटना पर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर युवाओं को फंसाना और उनके भरोसे का गलत इस्तेमाल करना गंभीर अपराध है। इस घटना ने यह भी सवाल उठाया है कि कैसे लोग पहचान छिपाकर दूसरों को धोखा दे सकते हैं और उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से शोषित कर सकते हैं।
रिपोर्ट-मौ. अज़ीम
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