LPG CRISIS: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में एलपीजी और ईंधन की सप्लाई को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अब तक 12,000 से ज्यादा छापेमारी की गई है, जिसमें 15,000 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
जमाखोरी पर बड़ा एक्शन
सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देशभर में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और जिला स्तर पर निगरानी समितियां सक्रिय कर दी गई हैं। तेल कंपनियों द्वारा 2,500 से अधिक औचक निरीक्षण भी किए गए हैं, जिससे सप्लाई में गड़बड़ी रोकने की कोशिश की जा रही है।
LPG CRISIS: सप्लाई पर सरकार की कड़ी नजर
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 38% तक बढ़ोतरी की गई है। साथ ही ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुंच गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का उपयोग 76% तक बढ़ा है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।
नागरिकों से अपील, घबराएं नहीं
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर गैस या ईंधन की खरीदारी न करें। शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तय किया गया है। डिजिटल माध्यमों से बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही समुद्री मार्ग से एलपीजी सप्लाई को मजबूत करने के लिए जहाजों के जरिए आपूर्ति जारी है, ताकि देश में किसी भी तरह की कमी न हो।
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