Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य के 69,000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण वितरित किए। यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम है।
चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई गति आएगी। लखनऊ में प्रतीकात्मक रूप से दस लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जबकि अन्य जिलों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से हजारों चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
वर्ष 2017 के पहले…
सिफारिश और पैसा दोनों चलता था,
ये लोग प्रदेश के साथ सौदेबाजी करते थे… pic.twitter.com/sjQ4ZNdmXR
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026
इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि आपको दिए गए स्मार्टफोन से आपका काम आसान होगा और समय पर रियल टाइम डेटा भी मिलेगा। हमारी डबल इंजन सरकार तेजी से काम कर रही है, साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र की नींव मजबूत हो रही है। हमने आंगनबाड़ी को हाईटेक बनाने की दिशा में पहल की है, और भविष्य में इसे और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इस अवसर पर 702 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास किया गया और 71 अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ। कुल 313 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सामाजिक सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
Lucknow News: पिछली सरकार पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले आंगनबाड़ी सेवाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं थीं, लेकिन अब सरकार के सही दृष्टिकोण और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बच्चों और माताओं की देखभाल में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले पोषाहार के वितरण का ठेका उत्तर भारत के सबसे बड़े शराब माफिया को दिया गया था और वही सब तय करता था। जब सरकार बनी तो इसे देखकर मैं भौचक था। मैंने कहा ये तो शराब माफिया है, इसका यहां क्या काम, लेकिन नहीं सब काम वही करता था। पोषाहार कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं पहुंचता था। गुणवत्ता इतनी खराब थी कि खाने की स्थिति नहीं होती थी और इसलिए यूपी बिमारू था। ये लोग वही पाप करने वाले लोग हैं जो बच्चों के पोषाहार पर डकैती डालने का काम करते हैं। 2017 के पहले चयन में पैसा चलता था आज ईमानदारी से चयन हो रहा है।







