ख़बर का असर

Home » मध्य प्रदेश » जिसको समझा था बुढ़ापे का सहारा, उसी ने छीन ली आख़िरी सांसें

जिसको समझा था बुढ़ापे का सहारा, उसी ने छीन ली आख़िरी सांसें

जिसको समझा था बुढ़ापे का सहारा, उसी ने छीन ली आख़िरी सांसें
 Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक संबंधों की नींव को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक बेटे ने कथित तौर पर मामूली घरेलू विवाद के दौरान अपने ही वृद्ध पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात लगभग 10 बजे की बताई जा रही है।बी.जे. सायडिंग इलाके में रहने वाला 36 वर्षीय नीरज इवनाती अपने घर में तेज आवाज में होम थिएटर चला रहा था। देर रात शोर-शराबे से परेशान होकर उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने के लिए कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज करने लगा।

 पिता ने किया हस्तक्षेप, बेटे ने खोया आपा

घर के भीतर बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। वे अपनी पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी को सहन नहीं कर पाए और बेटे को समझाने लगे। लेकिन स्थिति शांत होने के बजाय और बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि गुस्से में आकर नीरज ने आंगन में रखा फावड़ा उठा लिया और अपने पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया।

 Madhya Pradesh: पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया।आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

 Madhya Pradesh: इलाके में शोक और आक्रोश

इस वारदात ने परासिया क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग स्तब्ध हैं कि एक साधारण विवाद इतना भयावह रूप ले सकता है। जहां एक ओर बुजुर्ग माता-पिता अपने बच्चों को जीवनभर सहारा देते हैं, वहीं ऐसी घटनाएं समाज के सामने कई सवाल खड़े कर देती हैं।एक हंसते-खेलते परिवार का इस तरह बिखर जाना न केवल दुखद है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि क्षणिक आवेश किस तरह जीवनभर का पछतावा बन सकता है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल