Makar Sankranti 2026: देशभर में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही इस पावन पर्व पर अयोध्या, प्रयागराज, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने नदियों में पवित्र स्नान कर पूजा-पाठ, दान-पुण्य और प्रार्थना की।
प्रयागराज में माघ मेले के बीच संगम पर श्रद्धालुओं का सैलाब
मकर संक्रांति के अवसर पर प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान संगम घाटों पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। ठंड के बावजूद हर आयु वर्ग के लोगों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद अयोध्या से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि प्रशासन की ओर से घाटों और सड़कों पर बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। वहीं, एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि वे पिछले 10–12 वर्षों से यहां आ रही हैं और यह स्थान आध्यात्मिक शांति से भरपूर है। अन्य श्रद्धालुओं ने भी माहौल को आनंदमय और उत्साहपूर्ण बताया।
अयोध्या में सरयू तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मकर संक्रांति पर अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर विशेष रौनक देखने को मिली। सुबह करीब 4 बजे से ही श्रद्धालुओं ने ठंड की परवाह किए बिना पवित्र स्नान शुरू कर दिया। स्नान के बाद श्रद्धालु हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। मध्य प्रदेश के अशोकनगर से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि पहली बार अयोध्या आकर उन्हें अद्भुत अनुभूति हुई है। वहीं मिर्जापुर से आए युवक ने सरयू को अत्यंत पवित्र बताते हुए यहां आने को सौभाग्य बताया।
Makar Sankranti 2026: ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर गंगा स्नान
उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी मकर संक्रांति के मौके पर त्रिवेणी घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया। राजस्थान से आए दीपक ने बताया कि वे पिछले आठ वर्षों से इस दिन गंगा स्नान के लिए ऋषिकेश आते हैं। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि इस अवसर पर देश-विदेश से भक्त गंगा दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं।
हरिद्वार में हर की पौड़ी पर आस्था की डुबकी
हरिद्वार में हर की पौड़ी पर भी श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं ने इसे वर्ष का सबसे पवित्र स्नान बताते हुए कहा कि आज खुले और सुरक्षित वातावरण में आकर स्नान करना अत्यंत सुखद अनुभव है। स्नान के बाद श्रद्धालुओं के चेहरे पर विशेष संतोष और आस्था की झलक दिखाई दी।
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