ख़बर का असर

Home » धर्म » मकर संक्रांति 2026: स्नान-दान से खुलेगा पुण्य का द्वार, जानिए सही तिथि और विधि

मकर संक्रांति 2026: स्नान-दान से खुलेगा पुण्य का द्वार, जानिए सही तिथि और विधि

मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। इस दिन पवित्र स्नान, दान और धार्मिक नियमों का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि सही तिथि पर स्नान-दान करने से दोष दूर होते हैं, मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं। इस बार अलग-अलग पंचांगों के अनुसार मकर संक्रांति कहीं 14 जनवरी तो कहीं 15 जनवरी बताई जा रही है।

पवित्र स्नान और दान का विशेष पुण्य

बता दें कि इस बार बुधवार यानी 14 जनवरी की रात 2:43 बजे सूर्य का मकर राशि में गोचर होगा। सनातन संस्कृति में स्नान और दान का महत्व प्रातःकाल के समय माना जाता है। इसी कारण गुरुवार यानी 15 जनवरी को स्नान और दान करने के लिए शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है।

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

इस दिन पवित्र नदियों के घाटों पर जाकर स्नान करने के साथ-साथ तीर्थ स्थलों पर दान करने का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप पवित्र नदियों के घाट पर नहीं जा सकते हैं, तो अपने स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। लोकमान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन पवित्र नदियों के जल से स्नान करता है, उसके दोष दूर हो जाते हैं, मन शांत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

Makar Sankranti 2026: खानपान और तिल से जुड़े धार्मिक नियम

मकर संक्रांति के दिन कई लोग खिचड़ी बनाकर या दही-चूड़ा का सेवन करते हैं। इस दिन व्यक्ति को केवल एक बार, मध्याह्न में भोजन करना चाहिए और स्नान करने से पूर्व अपने शरीर पर तिल का तेल या तिल का उबटन लगाना चाहिए। इस दिन किए जाने वाले दान का पुण्य दो गुना फल देता है। लोकमान्यताओं में अक्सर कहा जाता है, “माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।स भुक्त्वा सकलान् भोगान् अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥”

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

दान, श्लोक और मोक्ष की कामना

इस दिन ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए और किसी गृहस्थ ब्राह्मण को भोजन सामग्री सहित तीन पात्रों का दान करना चाहिए। यदि आप सक्षम हों, तो यम, रुद्र और धर्म के नाम पर गाय का दान भी कर सकते हैं। इसके अलावा फल या अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी भी वस्तु का दान करना शुभ माना जाता है।साथ ही इस दिन यह श्लोक पढ़ना चाहिए, “यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्णुर्कपद्मजान्।तथा ममास्तु विश्वात्मा शंकरः शंकरः सदा॥”

खिचड़ी और आवश्यक वस्तुओं का दान

इस श्लोक का अर्थ है कि मैं शिव, विष्णु, सूर्य और ब्रह्मा में कोई भेद नहीं देखता। वह शंकर, जो विश्वात्मा हैं, सदा कल्याण करने वाले हों। चूंकि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने का विशेष महत्व है, इसलिए इस दिन उड़द की दाल और चावल का दान भी किया जा सकता है। इसके अलावा तेल, ऊनी वस्त्र और कंबल जैसी उपयोगी वस्तुओं का दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

यह भी पढ़ें: मकर संक्रांति से पहले गंगासागर में सुकांत मजूमदार का स्नान, राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल