Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य के नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों और प्रतिनियुक्तियों पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर आरोप लगाया कि वह असंवैधानिक रूप से चुनी हुई राज्य सरकार के अधिकार को कमजोर कर रहा है।
ममता का आरोप: ईसीआई सरकार के अधिकारों का हनन कर रहा है
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्र में कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद, विशेष रूप से चुनावी प्रक्रिया के दौरान, प्रशासनिक हस्तक्षेप से राज्य सरकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद और लोकतांत्रिक व्यवस्था के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
Mamata Banerjee: नौकरशाहों के तबादले पर ममता की आपत्ति
ममता बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से अधिकारियों का दूसरे राज्यों में तबादला अव्यावहारिक है, खासकर मार्च और अप्रैल में जब तूफान और नॉर-वेस्टर्स की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि इस समय में स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है, क्योंकि वे आपदा राहत कार्यों में अधिक प्रभावी होते हैं।
ईसीआई के फैसलों की आलोचना और भविष्य की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए ये कदम राज्य की प्रशासनिक अस्थिरता और अव्यवस्था की ओर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये फैसले संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत लिए गए एक जानबूझकर प्रयास का हिस्सा हैं, जो पश्चिम बंगाल के लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।







