Mauni amavasya: सनातन संस्कृति में मौनी अमावस्या का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदियों में स्नान करना लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि यदि मौनी अमावस्या के दिन कोई व्यक्ति पवित्र नदियों के जल से स्नान करता है तो उसके सभी दोष और पाप दूर हो जाते हैं। साथ ही उसे पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
दान और सहायता से बढ़े समृद्धि
इसके अलावा इस दिन विधिपूर्वक पूजन अथवा दान करना चाहिए। यदि आप किसी जरूरतमंद की मौनी अमावस्या के दिन सहायता करते हैं तो इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यदि किसी कारणवश आप पवित्र नदियों के घाट पर नहीं जा सकते तो थोड़ा समय निकालकर कुछ मंत्रों का जाप करने से भी इस दिन शुभ फल की प्राप्ति हो सकती है।

Mauni amavasya: पितरों को खुश करने के उपाय
अगर आप घर में स्नान कर रहे हैं तो अपने नहाने के पानी में पवित्र नदियों का जल मिला सकते हैं। इसके बाद आप निम्न मंत्रों का जाप करें:
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु।
सर्वे समुद्रा सरितस तीर्थानि जलदानदा आयातु मम शांतम दुर्दक्ष कारक।
हर हर गंगे।
मौनी अमावस्या पर इन मंत्रों के जप से आत्मा की शुद्धि होती है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

मंत्रों का जाप:
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ॐ सूर्याय नम: / ॐ घृणि सूर्याय नम:ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
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ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात्
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ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात्
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ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
यदि आप मौनी अमावस्या के दिन इन मंत्रों का जाप करते हैं, तो आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और आपको ईश्वरीय शक्ति का अनुभव भी होता है।







