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मेरठ के अक्षय बैसला की जेल वाली कहानी निकली झूठी, सौरभ हत्याकांड पर बनाई मनगढ़ंत स्क्रिप्ट

Meerut News

Meerut News: मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड पर एक बार फिर सनसनीखेज मोड़ आ गया, लेकिन इस बार मामला सच से ज्यादा ड्रामा बन गया। खुद को छात्र नेता बताने वाले अक्षय बैंसला ने जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद मीडिया के सामने ऐसी कहानी सुनाई जिसने सबको हैरान कर दिया। अक्षय ने दावा किया कि वह और सौरभ हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिल मेरठ जेल में एक ही बैरक में बंद थे और जेल के अंदर उनकी लंबी बातचीत होती थी। उसने पत्रकारों के सामने यहां तक कहा कि साहिल मुस्कान के बेटी होने की खबर से बेहद खुश था और सभी कैदियों को चाचा बनने की बात कहकर जेल से बाहर आकर पार्टी देने का वादा कर रहा था।

हकीकत कुछ और ही निकली

अक्षय की यह कहानी सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय न्यूज प्लेटफॉर्म पर बड़ी तेजी से वायरल हो गई। लोगों में यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर साहिल जेल में किस मानसिक स्थिति में है। मगर जब जेल प्रशासन ने इस पूरे दावे की पड़ताल की तो हकीकत कुछ और ही निकली। मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने स्पष्ट किया कि अक्षय बैंसला और साहिल कभी एक साथ नहीं रहे। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक अक्षय बैरक नंबर 15 में बंद था जबकि साहिल को बैरक नंबर 18 में रखा गया था। दोनों के बीच न केवल बैरक अलग थीं बल्कि उनके रहने के अहाते भी पूरी तरह अलग थे जिससे आमना-सामना तक संभव नहीं था। डॉ. शर्मा ने कहा कि अक्षय के दावे पूरी तरह मनगढ़त हैं। जेल की सुरक्षा और व्यवस्था इतनी सख्त है कि बिना अनुमति किसी दूसरे बैरक के कैदी से मुलाकात या बातचीत असंभव है।

Meerut News: ध्यान खींचने के लिए बनाई झूठी कहानी 

जेल प्रशासन ने माना कि अक्षय बैंसला ने मीडिया में सुर्खियां बटोरने और ध्यान खींचने के लिए यह झूठी कहानी बनाई। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की अफवाहें न केवल जनता को गुमराह करती हैं बल्कि जेल प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया की साख को भी नुकसान पहुंचाती हैं। सौरभ हत्याकांड वैसे ही संवेदनशील मामला रहा है, और अब इस तरह की झूठी जेल की कहानी ने एक बार फिर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में जो भी व्यक्ति गलत जानकारी फैलाता है, उसके खिलाफ आगे कार्रवाई भी की जा सकती है। मेरठ जेल प्रशासन की सख्त जांच और तथ्यों के खुलासे के बाद अब यह साफ है कि अक्षय बैंसला की कहानी सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने की एक कोशिश थी जिसमें न तो सच्चाई थी और न कोई सबूत।

Report By: Yash Mittal

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