Meerut News: मेरठ में एक और दर्दनाक घटना ने शिक्षा जगत को झकझोर दिया है। दरअसल, कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक विनीत कुमार की बीएलओ ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। माना जा रहा है कि अत्यधिक प्रशासनिक दबाव और लगातार काम के बोझ ने उनकी जान ले ली।
पहले जानें मामला…
सरूरपुर थाने के कस्बा करनावल स्थित प्राथमिक विद्यालय संख्या-2 में तैनात विनीत कुमार (पुत्र वीर सिंह) हाल के दिनों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के अंतर्गत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्हें बूथ संख्या 164, गोपाल जूनियर स्कूल, शोभापुर में कार्य सौंपा गया था। परिवार के मुताबिक, विनीत पहले से अस्वस्थ थे और उन्होंने अधिकारियों को अपनी तबीयत के बारे में अवगत भी कराया था, लेकिन फिर भी उन्हें भारी कार्यभार से नहीं राहत दी गई।
Meerut News: मेहनत और तनाव ने बिगाड़ दिया स्वास्थ्य
26 दिसंबर को एसआईआर कार्य की अंतिम तिथि होने के कारण वह देर रात तक कागजी और ऑनलाइन काम में जुटे रहे। लगातार मेहनत और तनाव ने उनका स्वास्थ्य बिगाड़ दिया। शनिवार सुबह करीब पाँच बजे उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विनीत की अचानक हुई मौत से परिवार शोक में डूबा है। यही नहीं, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन में भी शोक की लहर है। साथ ही शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि चुनावी और प्रशासनिक कार्यों के नाम पर शिक्षकों पर लगातार अतिरिक्त भार डाला जा रहा है जिससे कई बार उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर गंभीर असर पड़ता है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच की बात कही है। वहीं परिजन इस दुखद घटना की उच्चस्तरीय जांच और भविष्य में बीमार कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव न डालने की मांग कर रहे हैं। विनीत की मौत ने यह प्रश्न फिर खड़ा कर दिया है क्या प्रशासनिक जिम्मेदारियों मानव संवेदनाओं से ऊपर हो चुकी हैं।
Report By: यश मित्तल
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