MODI: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक शुरू की है। इस बैठक में ईरान से जुड़े संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। खासतौर पर ईंधन आपूर्ति, महंगाई और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों पर केंद्र और राज्य मिलकर रणनीति तैयार कर रहे हैं।
ईंधन, महंगाई और सप्लाई चेन पर फोकस
बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति पर दिया जा रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति बाधित न हो और महंगाई को नियंत्रित रखा जा सके। साथ ही, लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी चर्चा हो रही है।
MODI: राज्यों की तैयारियों और हालात की समीक्षा
इस वर्चुअल बैठक के दौरान केंद्र सरकार राज्यों की मौजूदा स्थिति और उनकी तैयारियों का आकलन कर रही है। यह देखा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का राज्यों की अर्थव्यवस्था, जरूरी सेवाओं और आपूर्ति व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है।
इसके आधार पर राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। खासकर खाद्य आपूर्ति, परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
चुनावी राज्यों के सीएम बैठक से दूर
सूत्रों के मुताबिक, जिन राज्यों में जल्द विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। इनमें असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी शामिल हैं। इन राज्यों में नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अप्रैल में मतदान प्रस्तावित है। हालांकि, इन मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
इस बीच, ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। खासकर होर्मुस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों के प्रभावित होने से आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल भारत सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन और गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।







