Modi Trump Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए कथित व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जिस तरह सीज़फायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, उसी तरह भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी भी ट्रंप द्वारा दी गई, जिससे मोदी सरकार की भूमिका और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यह ट्रेड डील ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरोध पर’ की जा रही है और इसके तहत भारत अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को लगभग ‘शून्य’ कर देगा।
इस ट्रेड डील की शर्तें क्या हैं?
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार ने भारत के बाज़ार को अमेरिका के लिए पूरी तरह खोलने पर सहमति दे दी है। पार्टी का कहना है कि इस फैसले का सीधा और नकारात्मक असर भारतीय उद्योग, छोटे व्यापारियों और किसानों पर पड़ेगा। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि इस डील के तहत अमेरिका के लिए भारतीय कृषि क्षेत्र खोलने की बात कही गई है, जो देश के किसानों के हितों के खिलाफ है। पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर इस ट्रेड डील की शर्तें क्या हैं और किसानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की गई है?
रूस से तेल खरीद पर भी सवाल?
कांग्रेस के मुताबिक, इस समझौते में यह भी कहा गया है कि मोदी सरकार अब रूस से तेल नहीं खरीदेगी, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल आयात करेगी। कांग्रेस ने पूछा कि क्या सरकार इस शर्त पर सहमत हो चुकी है? इसके अलावा, अमेरिका से अधिक सामान खरीदने की बात भी सामने आ रही है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर भारत लगातार आयात बढ़ाएगा तो फिर ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का क्या होगा? कांग्रेस ने कहा कि देश को इस ट्रेड डील की पूरी जानकारी जानने का अधिकार है और मोदी सरकार को संसद और जनता को विश्वास में लेकर सभी विवरण सार्वजनिक करने चाहिए।
Just like the ceasefire, the announcement of the trade deal was also made by US President Trump. It has been stated that the trade deal is being done ‘on Modi’s request’.
• Trump says that India will move to reduce tariff and non tariff barriers against the United States to…
— Congress (@INCIndia) February 3, 2026
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसान और घरेलू उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मनीष तिवारी ने दावा किया कि इस डील के तहत भारत अमेरिका से आयात पर कोई टैरिफ नहीं लगाएगा, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर की ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि उत्पाद और कोयला खरीदेगा रूस से तेल खरीद पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह सब सही है तो भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का क्या हुआ?
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