mohan bhagwat News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सिलीगुड़ी में प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। उत्तरबंग मारवाड़ी भवन में आयोजित इस कार्यक्रम को आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन माधव भागवत ने संबोधित किया। यह सम्मेलन उत्तरबंग प्रांत की पहल पर दिनभर चला।
सम्मेलन का उद्देश्य
इस आयोजन का उद्देश्य संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक-राष्ट्रीय विकास में भूमिका पर संवाद स्थापित करना रहा। सम्मेलन का शीर्षक “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: 100 वर्षों की यात्रा” रखा गया।
mohan bhagwat News: उत्तर बंगाल और सिक्किम से सहभागिता
सम्मेलन में उत्तर बंगाल के आठ जिलों से विभिन्न वर्गों और पेशों से जुड़े 100 से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य सिक्किम से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को क्षेत्रीय स्तर पर व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना से हुई। इसके पश्चात डॉ. मोहन भागवत ने पुष्पार्घ्य अर्पित कर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने संघ के संगठनात्मक विकास, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विचार रखे।
सामाजिक और वैचारिक विमर्श
सम्मेलन के दौरान संघ की वैचारिक सोच, सामाजिक समरसता, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय चेतना जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संघ का कार्य समाज को जोड़ने और सकारात्मक राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने से जुड़ा रहा है।
व्यापक भागीदारी
इस समागम में वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, व्यवसायियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिसने सम्मेलन को एक समावेशी और संवादपरक मंच के रूप में स्थापित किया।
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