Monkey Langur voice experts: दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों की बढ़ती दखलअंदाजी अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुकी है। कभी तार तोड़ना, कभी डिश एंटीना पर कूदना और कभी दफ्तरों के आसपास उत्पात मचाना इन सब से निपटने के लिए अब एक देसी लेकिन कारगर तरकीब अपनाई जा रही है। बंदरों को भगाने के लिए विधानसभा प्रशासन अब लंगूर की आवाज निकालने में माहिर लोगों को तैनात करेगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बाकायदा टेंडर भी जारी कर दिया है।
आवाज से डरेंगे बंदर
अधिकारियों के मुताबिक, पहले भी ऐसे प्रशिक्षित लोग तैनात थे, लेकिन उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका था। अब दोबारा ऐसे कर्मियों को रखा जाएगा, जो 8 घंटे की शिफ्ट में लंगूर की आवाज की नकल कर बंदरों को दूर भगाएंगे। खास बात यह है कि विशेषज्ञ अपने साथ एक असली लंगूर भी ला सकता है, ताकि असर और पुख्ता हो।

Monkey Langur voice experts: पुतले फेल, इंसान हिट
पहले बंदरों को डराने के लिए लंगूर के पुतले लगाने की योजना बनी थी, लेकिन बंदरों ने उन्हें भी ‘इग्नोर’ कर दिया। हालात यह हो गए कि बंदर पुतलों के ऊपर बैठकर आराम फरमाने लगे। इसके बाद तय हुआ कि अब पुतलों नहीं, प्रोफेशनल्स की जरूरत है।
सुरक्षा भी, संवेदनशीलता भी
यह तरीका न सिर्फ प्रभावी माना जा रहा है, बल्कि मानवीय भी है, क्योंकि इसमें बंदरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। कर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरण, निगरानी और बीमा कवर की भी व्यवस्था की जाएगी।
Monkey Langur voice experts: पहले भी घुस चुका है बंदर
गौरतलब है कि साल 2017 में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक बंदर सदन के अंदर घुस आया था, जिससे कुछ देर के लिए कार्यवाही रोकनी पड़ी थी। तभी से परिसर को ‘बंदर-मुक्त’ रखने की कोशिशें जारी हैं।
G-20 में भी आजमाया गया नुस्खा
2023 के G-20 समिट के दौरान भी दिल्ली में यही तरीका अपनाया गया था। तब कई इलाकों में लंगूर के कटआउट और आवाज निकालने वाले लोग तैनात किए गए थे, जिन्हें ‘मंकी मैन’ के नाम से स्पेशल पास दिए गए थे। अब देखना दिलचस्प होगा कि लंगूर की आवाज एक बार फिर राजधानी में बंदरों पर कितनी भारी पड़ती है।






