Mp news: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक नेत्रहीन महिला से कथित बदसलूकी के मामले में बीजेपी ने अपनी ही नेता अंजू भार्गव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने अंजू भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस भाजपा जबलपुर महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर की ओर से जारी किया गया है। पार्टी ने अंजू भार्गव के व्यवहार को गंभीरता से लिया है। अंजू भार्गव जबलपुर बीजेपी की नगर उपाध्यक्ष हैं।
क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद
दरअसल, यह मामला शनिवार को क्रिसमस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। आरोप है कि धर्मांतरण की आशंका जताते हुए अंजू भार्गव और कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर रेड की। इसी दौरान अंजू भार्गव पर एक नेत्रहीन महिला से बदसलूकी करने और मारपीट की कोशिश करने के आरोप लगे।
Mp news: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अंजू भार्गव को महिला पर चिल्लाते हुए और एक समय उसका चेहरा पकड़ते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में यह भी दिखता है कि नेत्रहीन महिला शांति से बात करने की कोशिश करती है और एक पुलिसकर्मी हालात को संभालने का प्रयास करता है।
Mp news: वीडियो में उठाए गए सवाल
वीडियो में अंजू भार्गव महिला से यह सवाल करती नजर आती हैं कि उसने सिंदूर क्यों लगाया है। इसके अलावा पास बैठी एक छोटी बच्ची की ओर इशारा करते हुए यह भी पूछा जाता है कि उसे ईसाइयों के बीच क्यों लाया गया।
वायरल वीडियो के बाद बीजेपी की किरकिरी
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने बीजेपी और अंजू भार्गव दोनों की आलोचना की है। मामले को लेकर पार्टी की किरकिरी होते देख बीजेपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है।
अंजू भार्गव का पक्ष
Mp news: वहीं, अंजू भार्गव ने अपने बचाव में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ महिलाओं को उनकी इच्छा के खिलाफ चर्च के पास रोका गया था, इसी सूचना के आधार पर वे वहां पहुंची थीं।
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