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सीहोर में जुटेंगे देशभर के किसान, राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन की कमान शिवराज के हाथ

Mp News: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा स्थित फूड लेग्यूम्स रिसर्च प्लेटफॉर्म (एफएलआरपी) में आयोजित राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य दालों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासों को गति देना है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे विशेष अतिथि

शनिवार सुबह 9.30 बजे शुरू होने वाले इस दिनभर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। देश के कई प्रमुख दाल उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भी सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है।

Mp News: कई राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

ओडिशा, पंजाब, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों के कृषि मंत्री सम्मेलन में भाग लेंगे। इससे दलहन उत्पादन से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के समन्वय को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय पर फोकस

सम्मेलन में ‘दालों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय मिशन’ पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, बीज की गुणवत्ता सुधार, दालों में वैल्यू एडिशन, किसानों की आय बढ़ाने जैसे अहम विषय शामिल होंगे।

Mp News: वैज्ञानिक, किसान और उद्योग प्रतिनिधि होंगे मौजूद

अधिकारियों के अनुसार, इस सम्मेलन में आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के वैज्ञानिक, किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), बीज उत्पादक, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

नई प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण सुविधाओं का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव संयुक्त रूप से एफएलआरपी में अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र दालों पर शोध के लिए एक प्रमुख हब माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री चौहान चल रहे फील्ड ट्रायल का निरीक्षण करेंगे और जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने के लिए सीधे किसानों से संवाद भी करेंगे।

Mp News: ‘पल्स मिशन पोर्टल’ होगा लॉन्च

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण समर्पित ‘पल्स मिशन पोर्टल’ का शुभारंभ होगा। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मिशन के तहत उत्पादन, खरीद और वितरण की रियल-टाइम निगरानी में मदद करेगा। आईसीएआर संस्थानों द्वारा विकसित अरहर, चना, मसूर और अन्य दालों की उन्नत और अधिक उपज देने वाली किस्में इस मौके पर औपचारिक रूप से जारी की जाएंगी और प्रगतिशील किसानों को वितरित की जाएंगी।

2027 तक आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

अधिकारियों ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’, समृद्ध किसानों और प्रोटीन-सुरक्षित राष्ट्र के विजन के अनुरूप है।
हालांकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक है, लेकिन अब भी बड़ी मात्रा में दालों का आयात करता है। इस मिशन का लक्ष्य 2027 तक पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

Mp News: समयबद्ध कार्ययोजना पर बनेगी सहमति

उम्मीद जताई जा रही है कि सीहोर में होने वाले इस सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक समयबद्ध कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे दाल उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

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