MP News: अपने नवाचारों को लेकर चर्चा में रहने वाले मध्य प्रदेश पुलिस ट्रेनिंग के एडीजी राजा बाबू को अपनी जान का खतरा सता रहा है। उन्होंने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। एडीजी राजा बाबू ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखते हुए आरोप लगाए हैं कि उन्हें पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था में किए गए नवाचार के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि शंका है कि ट्रेनिंग सेंटर में नवाचारों के कारण कुछ लोग नाराज है।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब मंगलवार सुबह अज्ञात लोगों ने एडीजी राजा बाबू के बंगले के बाहर गाली गलौज और अमर्यादित व्यवहार किया। इसके कारण बंगले की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है। बताया जाता है कि एडीजी के बंगले के बाहर कुछ अज्ञात लोग डंडा लहराते हुए नजर आए थे। मंगलवार सुबह की घटना के सीसीटीवी में एक अज्ञात युवक को डंडा लेकर घूमते और ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के साथ गाली गलौच करते देखा गया। इस संबंध में एजीडी की तरफ से भोपाल पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी गई। अभी तक पुलिस अज्ञात लोगों की जानकारी नहीं जुटा पाई है।

हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात युवकों की तलाश की जा रही है। एडीजी राजा बाबू सिंह उनमें से एक हैं, जिन्होंने छात्र जीवन में साल 1992 में अयोध्या में कारसेवक की भूमिका निभाई थी। फिलहाल, 11 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में जन्मे राजा बाबू मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे साल 1993 में यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में पास हुए और अगले साल 6 सितंबर 1994 को उनकी नियुक्ति हुई।
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