Mp News: मध्य प्रदेश में किसान-केंद्रित नीतियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आदिवासी बहुल बड़वानी जिले में प्रदेश की पहली ‘कृषि कैबिनेट’ आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को होने वाली यह बैठक किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत एक ऐतिहासिक कदम होगी।
किसानों की खुशहाली और आत्मनिर्भरता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसानों की भलाई’ को समर्पित किया गया है। इसी लक्ष्य के तहत नई नीतियां, इनोवेशन और समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि कैबिनेट में राज्य के विकास, जनकल्याण और विशेष रूप से किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
Mp News: 17 विभागों का समन्वय, वैल्यू चेन पर जोर
यह अनोखा कैबिनेट फॉर्मेट 17 विभागों को एक मंच पर लाएगा। इनमें कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, उद्योग समेत अन्य विभाग शामिल हैं। बैठक का उद्देश्य कृषि की पूरी वैल्यू चेन उत्पादन, प्रोसेसिंग, भंडारण, मार्केटिंग, रोजगार सृजन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए सालभर का समग्र रोडमैप तैयार करना है।
आदिवासी क्षेत्र में बैठक, विकेंद्रीकरण का संदेश
बड़वानी जैसे आदिवासी-बहुल जिले में कृषि कैबिनेट आयोजित कर सरकार निर्णय प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने का संदेश दे रही है। इससे नीति निर्माण को जमीनी किसानों के करीब लाने और क्षेत्र की स्थानीय चुनौतियों जैसे सिंचाई, बाजार तक पहुंच और तकनीकी सहयोग का समाधान तलाशने में मदद मिलेगी।
Mp News: खेती पर निर्भर बड़वानी, प्रतीकात्मक चयन
बड़वानी जिला केले, कपास और अन्य फसलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां की बड़ी आबादी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। ऐसे में इस जिले का चयन राज्य की समावेशी विकास नीति, आदिवासी किसानों को सशक्त बनाने और पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की मंशा को दर्शाता है।
भगोरिया और होली के बीच ‘कृषि बोनांजा’ की उम्मीद
नागलवाड़ी गांव में होने वाली यह बैठक होली से पहले और आदिवासी पर्व भगोरिया के उत्सवपूर्ण माहौल में आयोजित हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक, किसानों के लिए बोनस, सब्सिडी, सिंचाई विस्तार, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, मूल्य समर्थन और मार्केट लिंकेज से जुड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।
कृषि को मिला साल 2026 का केंद्र
यह पहल मुख्यमंत्री की उस घोषणा की कड़ी है, जिसमें 2025 को उद्योग और रोजगार, जबकि 2026 को कृषि के लिए समर्पित वर्ष बताया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी से बाहर और आदिवासी क्षेत्र में कृषि कैबिनेट का आयोजन सरकार के नए दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिससे खेती की गति बढ़ाने और किसानों की परेशानियां कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
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