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कूनो में फिर गूंजेगी चीते की दहाड़, अफ्रीका से आ रहा 8 का नया दल

मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शनिवार सुबह एक बार फिर ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। अफ्रीका से आठ नए चीते यहां लाए जा रहे हैं। नए चीतों के लिए कूनो में विशेष पृथकवास बाड़े तैयार किए गए हैं। हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए पार्क में पांच हेलीपैड भी बनाए गए हैं।

Mp news: मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शनिवार सुबह एक बार फिर ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। अफ्रीका से आठ नए चीते यहां लाए जा रहे हैं। इस नए दल के आगमन के साथ भारत का चीता पुनर्वास कार्यक्रम एक और अहम चरण में प्रवेश कर जाएगा। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इस समूह में छह मादा और दो नर चीते शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव इन चीतों को विशेष रूप से तैयार किए गए बाड़ों में छोड़ेंगे। शुरुआत में करीब एक महीने तक इन्हें पृथकवास (क्वारंटीन) में रखकर लगातार स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी।

वायुसेना की विशेष उड़ान से पहुंचेंगे ग्वालियर

चीता परियोजना के निदेशक उत्तम शर्मा ने बताया कि बोत्सवाना से विशेष विमान शुक्रवार रात 9 से 10 बजे के बीच ग्वालियर पहुंचेगा। इसके बाद भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों से चीतों को कूनो पहुंचाया जाएगा। बोत्सवाना से ग्वालियर तक की उड़ान लगभग 9 से 10 घंटे की होगी, जबकि ग्वालियर से कूनो तक का सफर करीब एक घंटे में पूरा होगा।

Mp news: तीसरा दल, बढ़ेगी संख्या

यह अफ्रीकी चीतों का तीसरा समूह है। इससे पहले सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए थे। नए दल के आने के बाद देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। फिलहाल कूनो में 35 चीते मौजूद हैं, जबकि 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य भेजा गया है। अलग-अलग स्थानों पर चीतों को रखने का उद्देश्य किसी संभावित बीमारी के खतरे से पूरी आबादी को सुरक्षित रखना है।

विशेष तैयारी: बाड़े और हेलीपैड

Mp news: नए चीतों के लिए कूनो में विशेष पृथकवास बाड़े तैयार किए गए हैं। हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए पार्क में पांच हेलीपैड भी बनाए गए हैं। पिछले चरण की तरह इस बार भी भारतीय वायुसेना पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रही है। भारत में चीतों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नया दल कूनो के वातावरण में कितनी जल्दी ढलता है।

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