Mumbai: शिवसेना-यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) से अपील की है कि मुंबई में बढ़ते प्रदूषण और स्मॉग के कारण प्राइवेट कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर एक सप्ताह के लिए रोक लगाई जाए। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र बीएमसी के म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी को लिखा, जिसमें उन्होंने पब्लिक हेल्थ और एनवायरनमेंटल सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
मुंबई में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता
आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले तीन दिनों से मुंबई में प्रदूषण स्तर बहुत अधिक बढ़ गया है, जिससे एयर क्वालिटी में भारी गिरावट आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रदूषण के कारण मुंबई की छवि को नुकसान हो सकता है, खासकर टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट के दृष्टिकोण से। उन्होंने इस स्थिति को सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है, जिसमें कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाना शामिल है।
Mumbai: प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की मांग
ठाकरे ने बीएमसी की कथित योजना पर भी आपत्ति जताई, जिसमें लगभग 45,000 मैंग्रोव पेड़ काटने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि यदि मुंबई के प्राकृतिक इकोसिस्टम को बचाने के बजाय पेड़ काटे जाते हैं, तो यह पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं और विकास योजनाओं के बीच विरोधाभास होगा। उन्होंने अंडरग्राउंड कंस्ट्रक्शन और बदले हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइनों जैसे वैकल्पिक इंजीनियरिंग समाधान का सुझाव दिया है, जो मैंग्रोव कवर को बचा सकते हैं।
शहरी विकास और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा
ठाकरे ने महालक्ष्मी रेसकोर्स और बैक गार्डन जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के प्रस्तावित रीडेवलपमेंट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविक अथॉरिटी बाहरी दबाव में काम कर रही है और सार्वजनिक जगहों को बचाने की बजाय कमर्शियल या नियंत्रित सुविधाओं में बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इन बदलावों के शहर के पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की चेतावनी दी है।
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