Muradabad News : मुरादाबाद जिला कारागार इन दिनों सामाजिक सौहार्द और धार्मिक समन्वय की एक अनोखी तस्वीर पेश कर रहा है। होली और रमज़ान जैसे दो महत्वपूर्ण पर्वों के एक साथ पड़ने के अवसर पर जेल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि कारागार के भीतर बंदी अपने-अपने धर्म और संस्कृति के अनुसार पर्व मना सकें वह भी अनुशासन, शांति और आपसी सम्मान के साथ।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आलोक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कारागार प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ की हैं। होली के मौके पर बंदियों के लिए सीमित और सुरक्षित मात्रा में रंग-गुलाल की व्यवस्था की गई है, ताकि वे पर्व की खुशियों में सहभागी बन सकें। इसके साथ ही विशेष भोजन का आयोजन किया गया है, जिसमें हलवा-पूरी जैसे पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। भोजन वितरण और आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है, जिससे व्यवस्था भंग न हो और कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
दूसरी ओर, रमज़ान के पवित्र महीने को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम बंदियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सेहरी के लिए प्रातः निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि इफ्तार के समय पौष्टिक और संतुलित आहार दिया जा रहा है। रोज़ेदार बंदियों की धार्मिक आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें नमाज़ अदा करने की समुचित सुविधा भी प्रदान की गई है, ताकि वे पूरे मनोयोग से इबादत कर सकें।
इन सभी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से लागू करने में कुछ समाजसेवी संस्थाओं का भी सहयोग मिला है, जिन्होंने संसाधन और सेवाएँ उपलब्ध कराकर प्रशासन का साथ दिया। जेल अधिकारियों का कहना है कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है। ऐसे आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारा और सामाजिक मूल्यों का विकास होता है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक विविधता का सम्मान करते हुए, शांति और सद्भाव के साथ पर्व मनाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है ताकि बंदी समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम आगे बढ़ा सकें।
https://x.com/i/status/2027010357219471632
Reporter By – Salman.. Yusuf
ये भी पढ़े – https://khabarindiatv.in/bulandshahr-laborer-dies-due-to-electric-shock-cpr-revives-him/






