Muslim Preacher Say: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सैय्यद अयूब का एक वीडियो इन दिनों विवाद का कारण बना हुआ है। हैदराबाद युवा साहस से जुड़े अयूब ने वायरल वीडियो में सड़कों पर नमाज़ को लेकर खुली चुनौती दी, जिसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
योगी सरकार पर लगाए आरोप
वीडियो में अयूब ने योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार पर मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि ईदगाहों में जगह कम पड़ती है तो लोग सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को मजबूर होंगे और किसी भी कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। वही अयूब ने खुले तौर पर वीडियो में बोलते हुए नजर आ रहे है जिसमें कहा रहा सभल नही पूरे हिन्दुस्तान में सड़को पर नमाज पढ़ेगे. वही सीएम योगी आदित्यनाथ को अपत्तिजनक शब्दो से बुलाते हुए नजर आ रहा है ।
Muslim Preacher Say: संवैधानिक अधिकारों का हवाला
अयूब ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश में सभी नागरिकों को बराबर अधिकार हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सड़कों पर अन्य धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होते हैं, लेकिन नमाज़ को लेकर ही आपत्ति जताई जाती है।
प्रशासन पहले ही दे चुका चेतावनी
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब संभल में पुलिस अधिकारी कुलदीप कुमार ने शांति समिति की बैठक में साफ कहा था कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Muslim Preacher Say: अदालत की टिप्पणी से बढ़ी संवेदनशीलता
मामले की संवेदनशीलता उस वक्त और बढ़ गई, जब इलाहबाद उच्च न्यायालय ने भी सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सख्त टिप्पणी की थी।
दो पक्षों में बंटी राय
ईद से पहले सामने आए इस विवाद ने देशभर में बहस छेड़ दी है। एक पक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है।
Muslim Preacher Say: मुस्लिम समाज के भीतर भी असहमति
कई मुस्लिम विद्वानों और सामाजिक जानकारों ने अयूब के बयान को गैर-जरूरी और भड़काऊ बताया है। उनका कहना है कि ऐसे बयान से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है और समुदाय को नुकसान पहुंच सकता है।
मामला पहुंचा प्रशासनिक दायरे में
फिलहाल, यह विवाद सोशल मीडिया से निकलकर प्रशासनिक और कानूनी दायरे में भी पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक तथा सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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