Muzaffarnagar News: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता और दिग्गज किसान नेता राकेश टिकैत अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में यूजीसी (UGC) से जुड़े विवादों और सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने न केवल कोर्ट के फैसले का स्वागत किया बल्कि देश की बढ़ती आबादी को लेकर एक ऐसा सुझाव दे डाला है जिसने सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश को हिंसा से बचाया
यूजीसी कानून पर मचे बवाल और स्वर्ण समाज के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को टिकैत ने सही ठहराया। उन्होंने कहा कि अदालत देश के हालातों से वाकिफ है। टिकैत के अनुसार सुप्रीम कोर्ट सब जानता है उसने देख लिया है कि लोग सड़कों पर हैं। अगर किसी कानून से देश में झगड़े बढ़ते हैं तो उससे अंतत राष्ट्र का ही नुकसान होता है। कोर्ट ने समय रहते हस्तक्षेप कर जातियों को आपस में भिड़ने से बचा लिया। टिकैत ने देश के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले 50 से 100 वर्षों में देश जनसंख्या विस्फोट का गवाह बनेगा, जिसे संभालना किसी के बस में नहीं होगा। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि असली मुद्दा जातियों में बांटना नहीं बल्कि बढ़ती आबादी पर लगाम कसना है।
Muzaffarnagar News: सजा का टिकैत फॉर्मूला
जनसंख्या नियंत्रण के लिए उन्होंने बेहद सख्त कानून की वकालत की
तीसरा बच्चा यदि दो बच्चों के बाद तीसरा बच्चा होता है तो माता-पिता को 10 साल की जेल होनी चाहिए।
चौथा बच्चा यदि संख्या चार तक पहुँचती है तो सजा बढ़ाकर 20 साल कर देनी चाहिए।
टिकैत ने जोर देकर कहा कि जब तक कानून में जेल का प्रावधान और कड़ाई नहीं होगी तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।
देश पार्टियों नहीं व्यापारियों के हाथ में है
केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि वर्तमान में देश को राजनीतिक दल नहीं बल्कि व्यापारियों की टोली चला रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा जैसे अमेरिका में मुट्ठी भर परिवार पूरी दुनिया पर राज कर रहे हैं वैसा ही मॉडल भारत में लाने की कोशिश हो रही है। बड़े उद्योगपतियों ने एक राजनीतिक दल के जरिए देश के संसाधनों पर कब्जा कर लिया है। टिकैत ने आगे कहा कि जनता को आंदोलनों और जातिगत झगड़ों में उलझाकर देश की सरकारी संपत्तियों को लूटा जा रहा है। उनके अनुसार युवाओं के पास काम-धंधे नहीं बचे हैं इसलिए उन्हें रोले-रपे विवादों में उलझाए रखा जाता है ताकि सत्ता सुरक्षित रहे।
संविधान की तारीफ करते हुए टिकैत ने कहा भारत का संविधान दुनिया में सबसे बेहतर है। यह हमें अपनी बात रखने धरना देने और प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। लेकिन आज इस पर भी कब्जा करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आदिवासियों से लेकर युवाओं तक की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान केवल सत्ता बचाने पर है भविष्य की चुनौतियों पर नहीं।
ये भी पढ़े… मेरठ में कुत्ते की मौत पर भड़का खूनी विवाद, भाकियू नेता पर दबंगों का लाठी-डंडों से हमला







