Muzaffarpur News: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से नई सरकार, नई पहल कार्यक्रम के तहत बिहार विश्वविद्यालय के श्रीकृष्ण सिंह सभागार में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की। इस अवसर पर भूमि से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।
हजारों आवेदन, मंत्री ने खुद की सुनवाई
कार्यक्रम के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के 16 प्रखंडों से भूमि से संबंधित हजारों आवेदन दर्ज किए गए। इनमें से लॉटरी के माध्यम से चयनित मामलों की सुनवाई स्वयं मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की। सुनवाई के दौरान मंत्री ने दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार, नामांतरण और अन्य लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री ने पाया कि कई मामलों में अंचल कार्यालयों की ओर से अनावश्यक देरी की जा रही है। इस पर उन्होंने अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी और हल्का कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के मामलों में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Muzaffarpur News: मुशहरी अंचल से आए सबसे ज्यादा मामले
कार्यक्रम में सबसे अधिक मामले मुशहरी अंचल से सामने आए। पहला मामला सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पताही गांव से संबंधित था, जिसमें खतियान में जाति भूमिहार ब्राह्मण दर्ज होने के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में केवल भूमिहार अंकित किया जा रहा था। इस पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया कि जैसा खतियान में दर्ज है, उसी के अनुरूप ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी भूमिहार ब्राह्मण अंकित किया जाए।
भूमि विवाद निपटारे को लेकर बड़ा फैसला
दूसरे मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री ने भूमि विवाद निपटारे की प्रक्रिया को लेकर बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब भूमि विवाद निपटारा शिविर थाना परिसर में नहीं, बल्कि अंचल कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए अंचलाधिकारी और थाना अध्यक्ष को संयुक्त रूप से अंचल स्तर पर भूमि विवाद निपटारा शिविर लगाने का आदेश दिया गया है, ताकि आम लोगों को आसानी से न्याय मिल सके।
Muzaffarpur News: लापरवाही पर ऑन द स्पॉट निलंबन
कार्यक्रम के दौरान मुशहरी अंचल के कर्मचारी राकेश कुमार पर कार्य में लापरवाही का आरोप सही पाए जाने पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें मौके पर ही निलंबित कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों-कर्मचारियों में स्पष्ट संदेश गया कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। वहीं मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, त्वरित कार्रवाई और जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों तक भटकना न पड़े। उन्होंने साफ किया कि भविष्य में भी यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि भूमि सुधार और राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
Report By: विक्रम कुमार
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