Naidu: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग
मुख्यमंत्री नायडू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की अनुसूची-13 का हवाला देते हुए राज्य में एक केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए 2,585 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को सौंपी जा चुकी है।
Naidu: कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
सीएम नायडू ने बताया कि राज्य में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 10.70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पांच सूत्री योजना लागू की जा रही है। उन्होंने पीएम आरकेवीवाई-पीडीएमसी योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार के लिए अतिरिक्त 695 करोड़ रुपए की मांग भी रखी।
मैंगो बोर्ड और परिवहन सब्सिडी की मांग
मुख्यमंत्री ने नारियल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से नारियल पार्क की स्थापना की अनुमति देने का आग्रह किया। इसके अलावा मैंगो बोर्ड की स्थापना, केले के रेल परिवहन पर सब्सिडी और बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
Naidu: प्राकृतिक खेती, एक्वा लैब और अन्य प्रमुख प्रस्ताव
सीएम नायडू ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एनएमएनएफ के तहत 2026-27 में 10,000 नए क्लस्टरों की मंजूरी मांगी। उन्होंने बताया कि राज्य में 40 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, इसलिए अगले पांच वर्षों में 20,000 अतिरिक्त क्लस्टर आवश्यक हैं। साथ ही विजयवाड़ा और अमरावती में अत्याधुनिक एक्वा लैब, पुलिकट झील के विकास और आंध्र प्रदेश को प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय संसाधन राज्य घोषित करने की भी मांग की गई।
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