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एनसीआर में वायु प्रदूषण पर हाई-लेवल मंथन, भूपेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार के एक्शन प्लान की समीक्षा की

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

NCR Air Pollution: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य दिल्ली सरकार की वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करना और पहले से तय उपायों को और अधिक प्रभावी बनाना था। यह बैठक प्रदूषण नियंत्रण को लेकर की जाने वाली नियमित वार्षिक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा थी।

केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली सरकार के उच्च अधिकारी शामिल हुए। भूपेंद्र यादव ने बैठक की शुरुआत में दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।

NCR Air Pollution: एयरशेड पहचान से मिली प्रदूषण स्रोतों की स्पष्टता

मंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने विशेष कानून के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) का गठन किया था। इस आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के एयरशेड की पहचान की, जिससे प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को समझने और लक्षित कार्रवाई संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि एनसीआर में प्रदूषण मानव गतिविधियों और मौसम संबंधी कारणों का संयुक्त परिणाम है, जिसके लिए दीर्घकालिक नीतिगत समाधान जरूरी हैं।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर कड़े कदम

वाहन प्रदूषण पर चर्चा करते हुए मंत्री ने 62 चिन्हित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन लागू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, विशेष पंजीकरण अभियान, बॉर्डर पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम, कार्यालय समय में बदलाव और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने जैसे उपायों पर चर्चा हुई।

उद्योगों और निर्माण गतिविधियों पर सख्ती

औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में बताया गया कि एनसीआर की 240 औद्योगिक इकाइयों में से 227 अब पाइप्ड गैस पर आ चुकी हैं। नियमों का पालन न करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सीलिंग और बंद करने के निर्देश दिए गए। निर्माण और विध्वंस कचरे के वैज्ञानिक निपटान, धूल नियंत्रण और रीसाइक्लिंग को भी प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।

सार्वजनिक परिवहन और कचरा प्रबंधन पर फोकस

बैठक में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए मेट्रो और इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया। साथ ही पुराने कचरे के निपटान और कचरे से ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं की समयसीमा की भी समीक्षा की गई।

15–20 प्रतिशत सुधार का लक्ष्य

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बताया कि समन्वित प्रयासों से इस वर्ष के अंत तक वायु गुणवत्ता सूचकांक में 15 से 20 प्रतिशत तक सुधार की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि जनता की भागीदारी और व्यवहार में बदलाव के बिना प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते।

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