New Delhi News: दिल्ली में क्रिसमस से पहले एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके की मार्केट में सांता क्लॉज की लाल टोपी पहने कई महिलाएं और बच्चे त्योहार से जुड़े पैम्प्लेट बांट रहे थे। लेकिन कुछ ही देर में माहौल बदल गया और स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध इतना बढ़ा कि महिलाओं को वहां से जाना पड़ा, और इसी बीच पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।
New Delhi News: बिना अनुमति, सड़क पर भीड़ ट्रैफिक जाम का बना हालात
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये महिलाएं सड़क के बीच खड़े होकर पैम्प्लेट बांट रही थीं, जिससे ट्रैफिक रुक गया और जाम लग गया। साथ ही धार्मिक गीत बजने का भी आरोप सामने आया। लोगों का कहना है कि कोई भी सार्वजनिक गतिविधि बिना प्रशासनिक अनुमति नहीं होनी चाहिए।
New Delhi News: त्योहार मनाने पर रोक नहीं… लेकिन नियमों का पालन ज़रूरी
विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि किसी भी धर्म के त्योहार का सम्मान है, लेकिन सार्वजनिक जगह पर नियमों का पालन उतना ही जरूरी है। उनका कहना है कि जब भी जुलूस या धार्मिक कार्यक्रम किए जाते हैं, तो नियम और अनुमति जरूरी होते हैं। ऐसे में बिना सूचना और सड़क रोककर प्रचार करना सही नहीं।
राजनीतिक बयान भी आए सामने—मामला सोशल मीडिया पर
इस घटना पर राजनीति भी जुड़ गई और इसे समाज में नफरत फैलाने से जोड़कर भी बयान दिए गए। अब यह मामला सिर्फ एक मार्केट का विवाद नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर गर्म चर्चा का विषय बन चुका है।क्रिसमस से पहले दिल्ली में यह विवाद इस बात का संकेत है कि त्योहार हों या धार्मिक कार्यक्रम, सार्वजनिक जगहों पर जिम्मेदारी और नियम दोनों जरूरी हैं। त्योहार खुशी बांटने के लिए होते हैं, टकराव खड़ा करने के लिए नहीं।
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