New Delhi News: राजधानी दिल्ली से रिश्तों और नैतिकता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक विवाहिता को उसके ससुराल वाले और मोहल्ले के लोग घेरे हुए हैं। वीडियो में महिला के चेहरे पर कालिख पोती जा रही है। शुरुआती तौर पर यह मामला अमानवीय लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की जो वजह सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है।
New Delhi News: ₹5000 की डील और रंगे हाथों गिरफ्तारी
खबरों के मुताबिक, महिला का पति एक मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में नाइट ड्यूटी करता है। पति की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर महिला ने कथित तौर पर ₹5000 देकर एक ‘जिगोलो’ (Gigolo) को अपने घर बुलाया था। दोनों घर के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में थे, तभी ससुराल वालों ने अचानक छापा मार दिया। महिला को एक अनजान युवक के साथ रंगे हाथों पकड़ने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
New Delhi News: बीच सड़क पर कालिख और वायरल वीडियो
गुस्साए परिजनों ने महिला को कमरे से बाहर निकाला और पूरे मोहल्ले के सामने उसे जमकर फटकार लगाई। बात यहीं नहीं रुकी, सजा के तौर पर महिला के चेहरे पर कालिख पोत दी गई। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया जो अब इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में महिला शर्म के मारे अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन भीड़ उस पर चिल्लाती नजर आ रही है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: इंसाफ या कानून का उल्लंघन?
इस वीडियो के वायरल होने के बाद नेटिजन्स दो गुटों में बंट गए हैं एक पक्ष का कहना है कि महिला की हरकत अनैतिक थी और उसने धोखे की सारी हदें पार कर दीं। वही दूसरा पक्ष इसे कानून के खिलाफ बता रहा है। जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति का चेहरा काला करना या उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करना कानूनन अपराध है, भले ही उसने कोई गलती क्यों न की हो।
नोट: वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि हम (वेबसाइट का नाम) नहीं करते हैं।
क्या होता है ‘जिगोलो’? समझें सही शब्दों में
इस घटना के बाद इंटरनेट पर ‘जिगोलो’ शब्द को लेकर काफी सर्च किया जा रहा है। सरल भाषा में समझें तो “जिगोलो” उन पुरुषों को कहा जाता है जो महिलाओं को समय देने, उनके साथ घूमने-फिरने या व्यक्तिगत संबंध बनाने के बदले पैसे लेते हैं।
काम का स्वरूप: इसे अक्सर ‘मेल एस्कॉर्ट’ या ‘कॉल बॉय’ सेवा से जोड़कर देखा जाता है। इसमें शारीरिक संबंधों के अलावा भावनात्मक साथ देना भी शामिल होता है।
अवैध नेटवर्क: चर्चा है कि दिल्ली जैसे महानगरों के कई पॉश इलाकों में इस तरह के रैकेट गुप्त रूप से संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ सोशल मीडिया और वेबसाइट्स के जरिए क्लाइंट्स से संपर्क किया जाता है।
निष्कर्ष
यह घटना आधुनिक समाज में कमजोर होते रिश्तों और धोखेबाजी का एक काला चेहरा पेश करती है। जहाँ एक तरफ पत्नी का विश्वासघात चर्चा में है, वहीं दूसरी तरफ ‘भीड़ द्वारा न्याय’ (Mob Justice) के तरीके पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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