NHRC: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एम्स में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर सृष्टि की आत्महत्या मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। सृष्टि ने अपने एचओडी परवेज पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया।
एनएचआरसी ने जारी किया नोटिस
एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय, भोपाल पुलिस और एम्स प्रशासन को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे रिपोर्ट भी तलब की गई है, जिसमें पूछा गया है कि क्यों महिला चिकित्सक की शिकायतों के बावजूद कोई संतुष्टिजनक कार्रवाई नहीं की गई।
NHRC: 15 दिन में मांगा जवाब
प्रियंक कानूनगो ने बताया कि तीनों संस्थाओं से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जिससे महिला चिकित्सक को आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा। इसके साथ ही कार्यस्थल पर मौजूद महिला समिति से भी शिकायत मांगी गई है।
जांच की विस्तृत रिपोर्ट की मांग
प्रियंक कानूनगो ने कहा कि अस्पताल में इस तरह का दबावपूर्ण माहौल अस्वीकार्य है। उन्होंने मामले की पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अस्पताल प्रशासन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाता, तो यह एक बहुत ही गंभीर स्थिति है।






