Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार की सियासत में इन दिनों एक बड़ी चर्चा तेज है। कहा जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही राज्यसभा की ओर रुख कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि वे 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं।अगर ऐसा होता है तो बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है और नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका भी बदल जाएगी। इसके साथ ही लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि मुख्यमंत्री से राज्यसभा सांसद बनने पर उनकी सैलरी बढ़ेगी या कम होगी?
मुख्यमंत्री के तौर पर कितनी मिलती है सैलरी
वर्तमान वेतन ढांचे के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री को वेतन और भत्तों सहित हर महीने लगभग 2.15 लाख से 2.6 लाख रुपये तक मिलते हैं।मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें आधिकारिक आवास, स्टाफ, सरकारी वाहन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था शामिल होती है। राज्य के सबसे बड़े पद पर होने के कारण मुख्यमंत्री के पास व्यापक अधिकार और सुविधाएं होती हैं।
Nitish Kumar Rajya Sabha: राज्यसभा सांसद बनने पर कितनी होगी आय
अगर नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बनते हैं तो उनका मूल वेतन लगभग 1 लाख रुपये प्रति माह होगा। इसके अलावा सांसदों को कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं, जैसे निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय खर्च और अन्य सुविधाएं।
इन सभी को जोड़कर एक सांसद की कुल मासिक आय करीब 2.5 लाख से 2.8 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो मुख्यमंत्री की तुलना में उनकी नकद आय में बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, बल्कि कुछ मामलों में यह लगभग बराबर या थोड़ा अधिक भी हो सकती है।
Nitish Kumar Rajya Sabha: पेंशन से भी मिल सकता है बड़ा फायदा
नीतीश कुमार लंबे समय तक विधायक और सांसद रह चुके हैं। नियमों के अनुसार पूर्व विधायक और पूर्व सांसद के रूप में उन्हें पेंशन का भी लाभ मिलता है।माना जाता है कि उनकी पेंशन करीब 2 लाख रुपये प्रति माह के आसपास हो सकती है। ऐसे में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी उनके कुल आर्थिक लाभ पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
सुविधाओं और प्रोटोकॉल में आएगा बड़ा बदलाव
हालांकि वेतन के मामले में ज्यादा अंतर नहीं दिखता, लेकिन सुविधाओं और प्रोटोकॉल में फर्क जरूर होगा। मुख्यमंत्री के रूप में उनके पास राज्य सरकार की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था, बड़ा आधिकारिक आवास और उच्च स्तर की सुरक्षा होती है।वहीं राज्यसभा सांसद बनने पर उन्हें दिल्ली में सांसद आवास, सीमित स्टाफ और सांसद स्तर की सुरक्षा मिलेगी, जो मुख्यमंत्री की सुविधाओं की तुलना में कम मानी जाती है।
राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका की संभावना
अगर नीतीश कुमार राज्यसभा पहुंचते हैं तो इसे बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जाएगा। साथ ही यह कदम उनके राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत भी माना जा रहा है।
फिलहाल राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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